शिमला, राज्य ब्यूरो। प्रदेश में कोरोना के मामलों में लगातार इजाफा होने और एक्टिव मामलों के बढ़ने के बावजूद अभी भी रिकवरी रेट 78 फीसद है, जबकि हर दिन कोरोना के 2500 से 3000 नए मामले आ रहे हैं। प्रदेश में कोरोना महामारी से संक्रमित लोगों में से करीब 84 हजार लोग अब पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। यह राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध करवाई जा रही बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, उचित देखभाल और उपचार से सम्भव हो पाया है। अब तक प्रदेश में 15.40 लाख लोगों का कोविड परीक्षण किया जा चुका है जिनमें 14.25 लाख के करीब कोरोना परीक्षण नेगेटिव पाया गया है।

अभी तक प्रदेश में 1.08 के करीब कोरोना के नए मामले सामने आए हैं। कोविड की इस लहर में मामले बढ़ने के कारण परीक्षण और टीकाकरण अभियान को भी बढ़ाया है। प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों सहित अनेक स्वास्थ्य संस्थानों में कोविड महामारी के परीक्षण की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।

प्रदेश के विभिन्न जिलों में कोरोना महामारी को मात देकर जिंदगी की जंग जीतने वाले

जिला कांगड़ा में 13766, शिमला में 13026, मंडी 12632, सोलन 10636, ऊना 5845, सिरमौर 5655, हमीरपुर 5310, कुल्लू 5275, बिलासपुर 4473, चंबा 3808, लाहुल स्पीति 1682 व किन्नौर में 1571 मरीजों ने कोरोना संक्रमण से जंग जीती है।

 स्वस्थ होने वालों में इजाफा

हिमाचल प्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक डाॅ. निपुण जिंदल का कहना है प्रदेश में कोरोना के मामलों के बढ़ने के बावजूद रिकवरी रेट 78 फीसद है। स्वस्थ होने वालों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। कोविड पॉजिटिव मरीज चिकित्सकों से ऑनलाइन परामर्श लेते रहें। सांस लेने में तकलीफ या स्थिति के गंभीर होने पर चिकित्सकों को दिखाएं।

कोविड मरीज हर दिन अपने सहायकों से दिन में एक बार कर सकेंगे वीडियो कॉल

प्रदेश में होम क्वारटाइन कोविड मरीजों के लिए सवस्थ्य विभाग ने उपचार संबंधी नया प्रोटोकाॅल जारी कर दिया है। जिसके तहत अब कोविड मरीज हर दिन अपने सहायकों से दिन में एक बार वीडियोकॉल कर बात का सकेंगे। इसके साथ ही बच्चों और व्यस्क कोविड मरीजों के लिए उपचार संबंधी अलग-अलग व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। कोविड मरीजों व उनके सहायकों को कोविड सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाएगा। इसके तहत अब सहायकों को जगह-जगह भटकने की आवश्यकता नहीं होगी। स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए हैं कि कोविड-19 मरीजों के सहायकों के लिए अस्पतालों में अलग क्षेत्र चिन्हित होगा। जहां पर उनके लिए पेयजल और चिकित्सकों से संपर्क करने की उचित व्यवस्था करनी होगी।

कोविड मरीजों के सहायक प्रतिदिन वरिष्ठ चिकित्सकों से अपने मरीज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। राज्य मुख्यालय ने चिकित्सा ऑक्सीजन स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए एक नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश जारी किए हैं। औद्योगिक आक्सीजन के उपयोग के प्रतिबंध के संबंध में भी उचित कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma