धर्मशाला, जेएनएन। अयोध्या मामले पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का कांग्रेस स्वागत करती है। इस मामले को लेकर कांग्रेस पहले से ही अग्रणी रही है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने ही श्रीराम मंदिर के द्वार खुलवाए थे लेकिन चिंतनीय बात है कि उसके बाद भाजपा सरकार कई साल सत्ता में रहते हुए भी भगवान श्रीरामलला को टेंट से बाहर नहीं निकाल सकी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने यह बात रविवार को धर्मशाला मे जिला कांग्रेस की ओर से केंद्र के खिलाफ निकाली गई विरोध रैली के दौरान कही। उन्होंने कहा कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों का सम्मान रखा है। अब उम्मीद करते हैं कि भाजपा जल्द ही श्रीराम मंदिर बनाएगी।

राठौर ने कहा कि गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा हटाना भाजपा की सोची समझी चाल है। अगर गांधी परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है तो इसका भाजपा को खामियाजा भुगतना पड़ेगा और भाजपा नेताओं को घर से बाहर निकलना मुश्किल कर देंगे। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने यह बात भी स्वीकार की कि प्रदेश में कांग्रेस की बीच मतभेद हैं, जिन्हें दूर करने की जरूरत है। मतभेदों के कारण ही कांग्रेस को उपचुनाव में हार का सामना करना पड़ा।

प्रदेश भाजपा के खिलाफ निशाना साधते हुए राठौर ने कहा कि हिमाचल सरकार 60 हजार करोड़ रुपये के कर्जे में है। प्रदेश सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर इन्वेस्टर्स मीट करवाई है, लेकिन उसका प्रदेश को कोई लाभ नहीं होगा। इसका लाभ निवेशकों को होगा। इस मौके पर कांगड़ा विधायक पवन काजल, आशीष बुटेल, अजय महाजन, संजय रत्न, यादवेंद्र गोमा, रघुवीर सिंह बाली सहित अन्य मौजूद रहे।

मंडी में वृद्धा के अपमान मामले की जांच हो

जिला मंडी में 70 वर्षीय महिला के साथ हुए दुव्र्यवहार की प्रदेश सरकार को जांच करवानी चाहिए। कांग्रेस मांग करती है कि मामले की जांच कर आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

गाड़ी में ही बैठी रहीं चंद्रेश कुमारी

कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री व धर्मशाला की पूर्व विधायक चंद्रेश कुमारी हालांकि आयोजन स्थल पर पहुंची थीं लेकिन आयोजन स्थल से दूर वह गाड़ी में ही बैठीं रहीं।

तनावपूर्ण हुए माहौल को शांत नहीं कर पाए राठौर

कार्यक्रम के दौरान सुधीर शर्मा शीर्ष नेतृत्व से अलग समर्थकों के साथ दाड़ी से रैली निकालकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे थे। आयोजनस्थल पर विजय इंद्र कर्ण व सुधीर शर्मा के समर्थक लगातार नारेबाजी कर रहे थे। हालांकि पहले केवल ङ्क्षसह पठानिया फिर पवन काजल ने समर्थकों को रोकने का प्रयास किया लेकिन समर्थकों की नारेबाजी बंद नहीं हुई। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ने भी कई कोशिशें कीं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बाद में समर्थक खुद ही शांत हो गए।

Posted By: Rajesh Sharma

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