शिमला, जागरण संवाददाता। राज्य सरकार ने प्रदेश के लाखों छात्रों व अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। निजी स्कूल विद्यार्थियों से केवल ट्यूशन फीस ही वसूल सकेंगे। फीस के साथ लगने वाले अन्य सभी तरह के फंड्स को सरकार ने माफ करने के निर्देश जारी किए हैं। शनिवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।

स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी तरह की ट्यूशन फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। जो स्कूल ऑनलाइन तरीके से पढ़ाई करवा रहे हैं, वही ट्यूशन फीस ले सकेंगे। यदि कहीं पर कोई पढ़ाई नहीं हो रही है तो वहां पर ट्यूशन फीस भी नहीं वसूली जा सकेगी। निजी स्कूल मार्च से मई तक ट्यूशन फीस वसूल सकेंगे।

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में बताया कि स्कूलों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। कोई भी स्कूल फीस न देने पर पढ़ाई नहीं रोक सकेंगे। यही नहीं स्कूल किसी भी शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारी को फीस न देने के कारण नौकरी से नहीं निकाल सकेंगे।

उन्हाेंने कहा शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों के वेतन देने की व्यवस्था निजी स्कूल प्रबंधन करेंगे। शिक्षा विभाग जल्द ही फीस को लेकर गाइडलाइन जारी करेगा। इसमें सपष्ट किया जाएगा कि कितने समय तक के फंड माफ होंगे।

दैनिक जागरण ने उठाया था मामला

दैनिक जागरण ने निजी स्कूलों द्वारा कफ्र्यू के बीच फीस के लिए दबाव बनाने का मामला उठाया था। शिक्षा विभाग ने सरकार को प्रस्ताव भेजा था, जिसमें ट्यूशन फीस वसूलने का ही प्रस्ताव शामिल किया था। अभिभावक खुद भी फीस माफी को लेकर सरकार के समक्ष मामला उठा रहे थे। छात्र अभिभावक मंच ने भी इसको लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज को पत्र लिखा था।

5.13 लाख छात्र पढ़ते हैं निजी स्कूलों में

हिमाचल में 2712 निजी स्कूल हैं। इनमें 5 लाख 13 हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं। कुल विद्यार्थियों की संख्या का यह 36 फीसद है। 70 फीसद अभिभावक मजदूर, आउटसोर्स कर्मचारी, छोटे दुकानदार, टैक्सी संचालक, कारोबारी, होटल संचालक के रूप में कार्यरत हैं जिनके आय के साधन लॉकडाउन व कर्फ्यू से बिल्कुल तबाह हो गये हैं।

Posted By: Rajesh Sharma

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