मंडी, जागरण संवाददाता। Himachal By Election, हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मंडी संसदीय क्षेत्र के उपचुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। आयोग ने छह जिलों मंडी, कुल्लू, लाहुल-स्पीति, किन्नौर, शिमला व चंबा जिले के उपायुक्तों को मंगलवार से ईवीएम की एफएलसी (फर्स्‍ट लेवल क्लीयरिंग) यानी प्राथमिक स्तर की जांच करने के निर्देश दिए हैं। करीब 3600 ईवीएम की एफएलसी करने में 20 दिन का समय लगेगा। एफएलसी के बाद ईवीएम मतदान के लिए तैयार होगी। बीईएल के इंजीनियर्स की टीम संबंधित जिला मुख्यालयों में पहुंच चुकी है। पहले एफएलसी 10 अप्रैल से तय थी। दो अप्रैल को सभी जिला मुख्यालयों में हरियाणा के करनाल, जींद व कुरुक्षेत्र से ईवीएम व वीवीपैट पहुंच गई थी। पांच मई को चुनाव आयोग ने अगले आदेश तक उपचुनाव टाल दिए थे।

सांसद रामस्वरूप शर्मा के निधन से मंडी संसदीय क्षेत्र की सीट खाली हुई है। यहां 16 सितंबर से पहले उपचुनाव करवाना होगा। 15 अगस्त के बाद उपचुनाव की संभावना जताई जा रही है। उपचुनाव में पहली बार एम-3 ईवीएम का इस्तेमाल होगा। उधर, उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर का कहना है कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मंगलवार से ईवीएम की एफएलसी शुरू होगी। इसमें करीब 20 दिन का समय लगेगा।

इसके अलावा जिला कांगड़ा के फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र और शिमला के कोटखाई हलके में भी उपचुनाव प्रस्‍तावित है। यहां फतेहपुर में कांग्रेस विधायक सुजान सिंह पठानिया का बीमारी के कारण निधन हो गया था, जबकि कोटखाई से भाजपा विधायक नरेंद्र बरागटा का भी हाल ही में निधन हो गया है। बरागटा चंडीगढ पीजीआइ में  उचाराधीन थे। बरागटा कोविड संक्रमण से रिकवर हो चुके थे, लेकिन फ‍िर भी उनके स्‍वास्‍थ्‍य में सुधान नहीं हो पाया और उनका देहांत हो गया। अब प्रदेश में तीन उपचुनाव प्रस्‍तावित है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के शांत होते ही चुनाव आयोग उपचुनाव करवाने की अधिसूचना जारी कर सकता है।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma