पालमपुर, जेएनएन। भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक जिला पालमपुर की कमान इस बार जयसिंहपुर मंडल के पास हो सकती है। लगातार दो बार पालमपुर मंडल से वरिष्ठ भाजपा नेता विनय शर्मा जिलाध्यक्ष का कार्य सफलतापूर्वक संभाल चुके है। बेशक उनकी अध्यक्षता में पालमपुर विधानसभा क्षेत्र में कमल नहीं खिल सका, मगर अन्य तीनों विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा ने जीत दर्ज की है। इतना ही नहीं, लोकसभा चुनाव में भी विनय शर्मा की अध्यक्षता में बढिय़ा रिस्पांस चारों विधानसभा क्षेत्र से पार्टी को मिला था।

अब नवंबर में संगठनात्मक चुनाव को लेकर जहां व्यापक तैयारियां चली हुई हैं वहीं वरिष्ठ भाजपा नेता शांता कुमार के गृह क्षेत्र पालमपुर जिला में अध्यक्ष की कमान संभालने के लिए अंदरखाते पूरी तैयारी कर ली गई है।

चारों विधानसभा क्षेत्रों से जिलाध्यक्ष को लेकर बातचीत हो चुकी है वहीं सारा गुणा-भाग करने के बाद जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र की तरफ पलड़ा झुक गया है। जल्द ही जिलाध्यक्ष के लिए होने वाली बैठक में इसका खुलासा कर दिया जाएगा।

बैजनाथ में भीखम कपूर और जयसिंहपुर में रामरतन शर्मा का सर्वसम्मति से अध्यक्ष पद पर चुनाव हो चुका है वहीं सुलह में भी बात सर्वसम्मति से होगी, मगर पालमपुर मंडल अध्यक्ष के लिए अभी तक एकराय नहीं बन पाई है। पहली बैठक बेनतीजा रह चुकी है। अब दूसरी बैठक में क्या निर्णय होगा इस पर भी सभी की निगाह टिकी है।

अब जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र की बारी

संगठनात्मक जिला पालमपुर में सुलह, बैजनाथ, जयसिंहपुर और पालमपुर विधानसभा क्षेत्र हैं। पालमपुर से लगातार छह वर्ष तक जिलाध्यक्ष का पद विनय शर्मा संभाल चुके हैं। सुलह विधानसभा से स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार हैं। बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र से विधायक मुल्खराज प्रेमी जिला महामंत्री हैं। साथ ही उन्हें प्रदेश अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पद की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब केवल जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र बचता है। यहां पर लंबे समय से संगठन और सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी किसी को नहीं सौंपी गई है।

ये हैं रेस में

पालमपुर मंडल अध्यक्ष के लिए वर्तमान महामंत्री विजय भट्ट व मान सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर, पूर्व महामंत्री अरविंद शर्मा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अजय शर्मा, राकेश गिल, रमेश महाजन के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। इनमें से किसी एक के नाम पर बुधवार तक सहमति बनाई जानी है। 30 अक्टूबर तक मंडल अध्यक्षों का चयन किया जाना है। अगर बुधवार को सहमति नहीं बनती है तो तीन नामों का चयन कर प्रदेश अध्यक्ष के पास भेज दिया जाएगा। जहां से किसी एक के नाम को अध्यक्ष के तौर पर घोषित किया जाएगा।

Posted By: Rajesh Sharma

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