हिमाचल में अपना सुखी परिवार योजना में चयन की प्रक्रिया तेज, नोडल अधिकारी तैनात; 2 लाख परिवारों को मिलेंगे लाभ
मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना के तहत पात्र परिवारों के चयन और क्रियान्वयन में तेजी लाई जा रही है। योजना ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव
HighLights
कांगड़ा में अपना सुखी परिवार योजना के क्रियान्वयन में तेजी।
जिला, उपमंडल, खंड स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति।
लगभग 2 लाख परिवारों को 300 यूनिट बिजली, ₹1500 मिलेंगे।
जागरण संवाददाता, धर्मशाला। मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना के तहत जिला कांगड़ा में पात्र परिवारों के चयन और अंतिम चरण के सुचारू संचालन को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस योजना के तहत करीब 2 लाख परिवारों को प्राथमिकता से योजनाओं का लाभ मिलेगा। इसके अलावा 300 यूनिट फ्री बिजली और महिलाओं को 1500 रुपये भी दिए जाएंगे।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, आवेदन प्राप्त करने तथा पात्र लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से उपायुक्त हेमराज बैरवा ने जिले में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी की है।
इसके तहत जिला से लेकर उपमंडल और विकास खंड स्तर तक अधिकारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं, ताकि योजना का लाभ पात्र परिवारों तक आसानी से पहुंचाया जा सके।
अभिनीत कात्यायन जिला नोडल अधिकारी
अधिसूचना के अनुसार जिला विकास अधिकारी (ग्रामीण विकास) अभिनीत कात्यायन को मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना का जिलास्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें जिला स्तर पर योजना के संचालन और विभिन्न विभागों के बीच आवश्यक समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ये रहेंगे दायित्व
योजना से संबंधित कार्यों की निगरानी के साथ पात्र परिवारों के चयन और अंतिम चरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से पूरा करवाना भी उनके दायित्व में रहेगा। इसी तरह जिला कांगड़ा के सभी उपमंडल अधिकारी (नागरिक) अपने-अपने संबंधित उपमंडलों में योजना के नोडल अधिकारी होंगे।
एसडीएम स्तर पर होगी निगरानी
एसडीएम स्तर पर योजना से संबंधित मामलों की निगरानी करने के साथ पात्र परिवारों से प्राप्त होने वाले आवेदनों की प्रक्रिया को सुचारू बनाने का कार्य किया जाएगा। विशेष रूप से योजना के तहत आय प्रमाण-पत्र से संबंधित मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी उपमंडल अधिकारियों को दी गई है।
ब्लॉक में बीडीओ होंगे नोडल अधिकारी
वहीं, जिले के सभी खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अपने-अपने विकास खंडों में योजना के नोडल अधिकारी होंगे। बीडीओ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यक समन्वय स्थापित करेंगे और पात्र परिवारों को योजना से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध करवाने में सहयोग करेंगे। साथ ही योजना के संबंध में लोगों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाने और आवेदन प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
