शिमला, जागरण संवाददाता। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के पदोन्नति, वित्तीय अनियमितता जैसे मामलों पर जल्द मुहर लगेगी। कर्मचारियों की संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) के बाद अब सरकार शिक्षकों के मामलों को लेकर भी बैठक करने जा रही है। मुख्य सचिव राम सुभाग सिंह की अध्यक्षता में बनी हाई पावर कमेटी की बैठक दो दिसंबर को प्रस्तावित है। सचिव (शिक्षा) राजीव शर्मा की ओर से हाइपावर कमेटी की बैठक करवाने के लिए मुख्य सचिव कार्यालय को फाइल भेजी थी। सूत्रों के मुताबिक मुख्य सचिव कार्यालय ने दो दिसंबर का समय इसके लिए तय किया है।

यह बैठक दोपहर 12 बजे से दो बजे तक होगी। हालांकि इसके समय में बदलाव हो सकता है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 80 हजार शिक्षक हैं। मुख्य सचिव कार्यालय से बैठक का समय मिलने के बाद शिक्षा विभाग भी सक्रिय हो गया है। बैठक के लिए तैयार किए एजेंडे में शामिल मांगों पर जवाब तैयार किया जा रहा है। कौने से मामले कब से लटके हैं, इसका क्या कारण है, इन सबका पूरा रिकार्ड तैयार किया जा रहा है। 30 से ज्यादा एजेंडा आइटम अब तक इसके लिए तैयार हो चुकी हैं। नियमित शिक्षकों की मांगों के अलावा स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के तहत कार्यरत 2655 शिक्षकों को मुख्यधारा में लाने के मामले पर भी हाइपावर कमेटी की बैठक में चर्चा होगी।

मुख्य सचिव के अलावा कार्मिक और वित्त विभाग के सचिव भी है कमेटी में

प्रदेश सरकार ने शिक्षकों की मांगों के निपटारे के लिए हाई पावर कमेटी का गठन किया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित इस कमेटी में सचिव शिक्षा के अलावा वित्त, कार्मिक सहित अन्य विभागों के सचिव शामिल हैं। शिक्षा विभाग की तरफ से बैठक के लिए पहले भी समय मांगा गया था। पहले उपचुनाव के कारण बैठक टल गई थी। विभाग के पास शिक्षकों से जुड़ी करीब 30 से ज्यादा मांगें आ चुकी हैं। इनमें ज्यादातर मांगें आरएंडपी नियमों में बदलाव, वित्तीय मामलों से संबंधित हैं। हालांकि पहली बैठक में विभाग कुछ मामलों को ही चर्चा के लिए रखेगा।

शिक्षा मंत्री ने की थी बैठक

कुछ दिन पहले शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने भी शिक्षकों के मामलों को लेकर बैठक की थी। बैठक में पदोन्नति और वित्तीय मामलों के जल्द निपटारे के लिए विभाग को निर्देश दिए थे। विभाग को लंबित मामलों के लिए निगरानी करने को कहा था।

Edited By: Neeraj Kumar Azad