धर्मशाला, जागरण संवाददाता। जिला में तीन दिन से रुक रुक कर हो रही बारिश से गेहूं काटने में जुटे किसानों की नींद हराम हो गई है। किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला कांगड़ा के पालमपुर, कांगड़ा, बैजनाथ, धर्मशाला, शाहपुर, नगरोटा बगवां अादि स्थानों में किसानों ने गेहूं की फसल को काटना शुरू कर दिया है। कुछ किसान बारिश के कारण गेहूं को काट नहीं पा रहे हैं। जिन किसानों ने गेहूं की फल को काट दिया था वे थ्रैसिंग नहीं करवा पा रहे हैं। गेहूं पानी से तर होने के कारण गेहूं की फसल खेतों में ही पड़ी सड़ रही है।

यह भी पढ़ें: हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के बावजूद रिकवरी रेट 78 फीसद, देखिए आंकड़े

यह भी पढ़ें: Himachal Covid Cases Update: कोरोना से रिकॉर्ड 48 मरीजों की मौत, 3824 नए मामले

किसान थोड़ा सा मौसम ठीक होने पर फसल को सुखाने का प्रयास करता जरूर है पर इतने में फिर से तेज बारिश हो जाती है। तीन दिन से हो रही बारिश ने किसानों को पूरी तरह से मायूस किया है। यही नहीं खेतों तक पहुंच रहे किसान बारिश में भी भीग रहे हैं। एेसे में मामूली सर्दी जुखाम पर फ्लू होने का भी डर सता रहा है।

वहीं, धौलाधार सहित ऊंची पहाड़ियों में ताजा हिमपात हुअा है, जिससे तापमान में भी गिरावट अाई है। मौसम का यही हाल रहा तो किसान अपनी गेहूं की फसल से हाथ धो बैठेगा। वहीं जिन किसानों की फसल तैयार है अौर काट नहीं पा रहे हैं उन्हें तूड़ी काली होने का डर सता रहा है। किसान बेरहम हुए मौसम के कारण पूरी तरह से परेशानी से घिर गया है।

यह भी पढ़ें: हिमाचल में दिल्ली से दो गुणा से भी अधिक हुई एक्टिव मामलों की प्रतिशतता, नए मामलों में 25 गुणा व मौत में 17 गुणा की वृद्धि

यह भी पढ़ें: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय HAS सहित NET और SET की कोचिंग देगा, प्रतियोगी परीक्षा के लिए मिलेगी कोचिंग

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप