शिमला, रमेश सिंगटा। निलंबित स्वास्थ्य निदेशक की कथित भ्रष्टाचार से जुड़े ऑडियो क्लिप मामले में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार ऑडियो रिकॉर्डिंग सप्लायर ने की थी। साथियों ने इसे लीक कर दिया और फिर यह वायरल हो गई। अब तक स्वास्थ्य निदेशालय के कई अधिकारियों, कर्मचारियों, स्टाफ से पूछताछ पूरी हो गई। अब दो और अधिकारियों से पूछताछ होगी।

वाट्सएप में किस- किस से वायरल हुई, इसकी पूरी चेन तैयार की जा रही है। इसमें विशेषज्ञों की भी मदद की ला रही है। सप्लायर है तो हिमाचली, पर रहता चंडीगढ़ में है। यह फर्म का प्रतिनिधि है और पूरे प्रदेश में दवाओं, उपकरणों आदि की सप्लाई का कार्य करता रहा है। जांच के अनुसार निलंबित निदेशक के साथ इसी की आवाज ऑडियो में है। अब जांच एजेंसी इसे गिरफ्तार कर सकती है।

एक पक्ष यह भी कह रहा है कि इसे सरकारी गवाह बनाए जाने की भी बात कह रहा है। तभी मामले की तह तक पहुंचा जा सकेगा और कोरोना काल में हुई खरीद से संबंधित कई रहस्यों, सौदों और इसके पीछे नेताओं की संलिप्तता का पर्दाफाश हो सकेगा। उधर, विजिलेंस ने रविवार को भी केस से जुड़े रिकॉर्ड को खंगाला। विशेष जांच इकाई की पूरी टीम दिनभर जांच कार्य में जुटी रही।  

 

जांच की जद में आएंगे कई जिलों के बैंक व सप्लाई ऑर्डर

जांच की जद में कई जिलों के बैंक और सप्लाई ऑर्डर आएंगे। इस संबंध में विजिलेंस बैंकों से भी रिकॉर्ड तलब करेगा। अभी तक की जांच से पता चला है कि आरोपित डॉ. अजय गुप्ता के 16 बैंक खातों में 40 लाख से अधिक की रकम जमा है। दूसरे जिलों में भी बैंक खाते खोले हैं। इस कारण जिलों में भी जांच होगी। बैंकों से इसके बारे में पत्राचार किया जा रहा है। सामान्य भविष्य निधि यानी जीपीएस खाते को अभी चेक नहीं किया है। बैंकों के अलावा डॉ. गुप्ता की प्रोपर्टी का का भी पता लगाया जा रहा है।

Posted By: Rajesh Sharma

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