शिमला, राज्य ब्यूरो। Himachal Covid Curfew Relaxation, स्वास्थ्य विभाग ने हिमाचल में प्रतिबंधों में आंशिक ढील के कारण कोरोना संक्रमण के फिर बढऩे की आशंका जताई है। इसके लिए सबसे कारगर उपाय मास्क का इस्तेमाल और शारीरिक दूरी का पालन बताया है। आकलन में सामने आया कि कोरोना की पहली लहर सबसे उच्च स्तर पर नवंबर, 2020 में थी। दूसरी लहर मई में पहली लहर के उच्च स्तर से पांच गुणा अधिक थी। मई में कोरोना मामलों में 22.1 की अधिकतम ऊंंचाई देखने को मिली, जो 3.5 हो गई है। प्रदेश में कोरोना का पहला पहला मामला मार्च, 2020 में आया और उसके बाद तीन और मामले आए।

संक्रमण बढ़ने का खतरा

मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश डा. निपुण जिंदल का कहना है प्रतिबंधों में ढील से कोरोना संक्रमण के फिर से बढऩे की आशंका है। ऐसे में एहतियात जरूरी है।

मार्च 2020 से जून 2021 की स्थिति

35 लोगों ने कोरोना को दी मात, 19 संक्रमित

ऊना। जिले में कोरोना की रफ्तार थमने लगी है। मंगलवार को आरटी पीसीआर रिपोर्ट में 19 लोग संक्रमित हुए हैं। जिले में सक्रिय मामले घटकर 348 रह गए हैं। 35 लोग स्वस्थ हुए हैैं और कोरोना से एक की मौत हुई है। जिले में पहले एक दिन में 100 से 350 तक पाजिटिव मामले आते रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रमन शर्मा ने कहा कि उपमंडल अम्ब के लोग संक्रमित हुए है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे कोरोना के मामले कम होने के बावजूद कोविड नियमों का कड़ाई से पालन करें। बिना कारण घर के बाहर न निकलें। सामान खरीदने व अन्य कार्य के लिए जाना हो तो मास्क अवश्य लगाएं। शारीरिक दूरी के नियम पालन करें और भीड़भाड़ वाली जगह की तरफ रुख न करें।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma