मनाली, जागरण संवाददाता। बॉलीवुड स्टार कंगना रनौत के घर के पास रात को किसी ने गोली चलाई। गोली चलने की आवाज सुनकर कंगना रात भर सहमी रही। हालांकि मौके पर पहुंची मनाली पुलिस को गोली चलने व चलाने का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। लेकिन पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए आसपास के क्षेत्र में जांच की। कंगना 17 मार्च को अपना जन्मदिन मनाने मनाली आई थीं। कोविड-19 के कारण लॉकडाउन लग जाने के बाद कंगना मुंबई नहीं लौट पाई हैं। सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद लगातार अपने बयानों के कारण चर्चा में रहने वाली कंगना रनौत की टीम पूरी तरह सतर्क है।

मनाली पुलिस की माने तो जांच में पुलिस को कोई भी सबूत नहीं मिले हैं। कंगना की बहन रंगोली ने बताया कि वह दोनों बहनें घर में साथ थी। रात को गोली चलने की उन्होंने आवाज सुनी है। रंगोली ने बताया उनका बेटा पृथ्वी व कंगना सभी साथ थे।

इस तरह की हरकत से डरने वाली नहीं : कंगना

कंगना ने पुलिस को बताया कि वह अपने बेडरूम में थी और रात करीब 11 बजे पटाखों जैसी अवाज सुनाई दी। पहले लगा कि किसी ने पटाखा चलाया है। लेकिन जब दूसरी बार अवाज आई तो सचेत हो गईं। यह गोली चलने की आवाज थी। इसलिए तुरंत सिक्योरिटी व पुलिस को बुलाया गया। कंगना ने कहा कोई चाहता है कि इस तरह की हरकत से वह डर जाएगी तो वह भूल जाएं।

कंगना की रगों में राजपूती खून, वह डरने वाली नहीं : अमरदीप

कंगना रणौत के पिता अमरदीप सिंह ने कहा उनकी बेटी की रगों में राजपूती खून है। वह ऐसी धमकियों व बातों से डरने वाली नहीं है।

पुलिस गश्‍त बढ़ाई : एसपी

एसपी गौरव ने कंगना द्वारा गोली चलाने की शिकायत करने की पुष्टि की है। एसपी ने बताया कंगना के घर एक टीम तुरंत पहुंची थी। फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम भी पहुंची थी। लेकिन उन्हें कोई कारतूस का खाली खोखा या बारूद के निशान नहीं मिले हैं। कंगना के घर के आसपास वालों से भी पूछताछ की गई है। पुलिस ने कंगना के घर के आसपास गश्त बढ़ा दी है।

ग्रामीण बोले, पक्षियों को भगाने के लिए फोड़ते हैं पटाखे

कंगना द्वारा घर के आसपास गोली चलने की आवाज मामले में सिमसा के ग्रामीणों ने अनभिज्ञता जताई है। उनका कहना है इन दिनों चमगादड़ व अन्य पक्षी रात को सेब के बगीचे का रुख करते हैं। रात को पहरा देने वाले लोग कई बार उन पक्षियों को भगाने के लिए पटाखे फोड़ते हैं। सिमसा के ग्रामीण डोले राज, मोती राम, मकरध्वज व रोशन ने बताया उन्होंने गोली चलने जैसी कोई आवाज नहीं सुनी है। उन्होंने बताया रात को चमगादड़ों के झुंड सेब के बगीचे में आ जाते हैं, उन्हें भगाने के लिए कई बार पटाखे फोड़ने पड़ते हैं।

Posted By: Rajesh Sharma

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