गगल, जेएनएन। जिला कांगड़ा के गगल स्थित हवाई अड्डा के विस्‍तारीकरण की कवायद तेज हो गई है। राजस्‍व विभाग के कानूनगो और पटवारी की टीम ने गगल में डेरा डाल दिया है। बताया जा रहा है राजस्‍व विभाग की टीम 15 दिन के भीतर विस्‍तारीकरण के लिए चिह्नित क्षेत्र की सही नाप नपाई करेगी। राजस्‍व टीम को लोगों के विरोध का सामना भी करना पड़ रहा है।

बताया जा रहा है गगल एयरपोर्ट के सर्वे के अनुसार रनवे की लंबाई 3010 मीटर होगी। वहीं रनवे की चौड़ाई  दोनों ओर 190 मीटर दायें और 190 मीटर बायें होगी। इस कारण दोनों आेर के आसपास के गांव व मंडी-पठानकोट हाईवे भी इसकी जद में आ सकता है। कानूनगो व पटवारी की टीम ने बताया कि नाप नपाई का कार्य लगभग 15 दिन के अंदर पूरा हो जाएगा और उसके बाद यह सारी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी जाएगी। इसके बाद आगामी कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस नाप नपाई के के कारण आसपास के बाशिंदे काफी दहशत के माहौल में हैं। लोगों को चिंता सता रही है कि उनका आगे का भविष्य क्या होगा। सरकार उनके लिए क्या नई योजना बनाएगी ताकि लोगों को राहत की सांस मिल सके।

पुराना मटौर तक का क्षेत्र होगा प्रभावित

कांगड़ा हवाई अड्डा के 3010 मीटर तक विस्‍तार होने से इच्‍छी और पुराना मटौर का क्षेत्र प्रभावित होगा। यहां के लोगों को विस्‍थापन झेलना पड़ सकता है। बीते दिनों से स्‍थानीय लोग लगातार हवाई अड्डा विस्‍तारीकरण का विरोध कर रहे हैं। लेकिन सामरिक दृष्टि से इस हवाई अड्डे का विस्‍तार होना आवश्‍यक है।

सामरिक दृष्टि से है महत्‍वपूर्ण

गगल हवाई अड्डे का विस्‍तार सामरिक दृष्टि से भी अति महत्‍वपूर्ण है। पड़ोसी देश पाकिस्‍तान और चीन यहां से ज्‍यादा दूर नहीं हैं। ऐसे में विपरीत स्थिति में यह हवाई अड्डा काफी कारगर साबित हो सकता है। लेकिन उजड़ने वाले ग्रामीणों की समस्‍या भी जायज है।

Posted By: Rajesh Sharma

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