पालमपुर, जेएनएन। हिमाचल प्रदेश विधानसभा की प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष रमेश धवाला और सदस्य जायका (जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी) की प्रासंगिकता पर संतुष्ट नजर नहीं आए हैं। परियोजना के माध्यम से करोड़ों रुपये किसानों के लिए खर्च हुए पर परिणाम धरातल पर बेहतर नहीं मिल पा रहे हैं। मंगलवार को उपमंडल पालमपुर में  प्राक्कलन समिति ने परियोजना के तहत हुए कार्यों का निरीक्षण कर ग्रामीणों से सीधी बातचीत की। परियोजना के तहत 71 सदस्यों की बनाई गई समिति में मौके पर 10 भी नहीं थे। साथ ही कार्यवाही रजिस्टर में भी ग्रामीणों की उपस्थिति 20 से अधिक नहीं थी।

प्राक्कलन समिति ने भट्टू में बनाए गए कलेक्शन सेंटर पर सवाल उठाए। 35 लाख से निर्मित कलेक्शन सेंटर का प्रयोग ही नहीं हो पाया है। कोल्ड स्टोर भी अधूरा है, जबकि परियोजना समाप्ति पर है। परौर के समीप खड़ौठ गांव में सिंचाई के लिए पानी का मुद्दा भी लोगों ने उठाया। इस मौके पर रमेश धवाला ने कहा कि जिस उद्देश्य के लिए यह परियोजना चलाई जा रही है उस पर खरी उतरती नहीं दिख रही है। अधिकारी ग्रामीणों को सही तरीके से जागरूक नहीं कर पाए हैं। लोगों की सहभागिता के बिना यह काम सफल नहीं हो सकता है।

अधिकारियों ने शिविर लगाकर लोगों को प्रशिक्षित किया पर उसका लाभ नहीं ले पाए। अधिकारी एक माह के भीतर ग्रामीणों को प्रेरित करें। इस मौके पर परियोजना निदेशक जायका डॉ. विनोद, उपनिदेशक कृषि डॉ. एनके धीमान, जिला परियोजना प्रबंधक जायका डॉ. राजेश सूद, डॉ. किशन चंद, एसडीएम पालमपुर पंकज शर्मा, तहसीलदार वेद प्रकाश अग्निहोत्री, डीएफओ संजय सैन, अधिशाषी अभियंता आइपीएच विभाग संजय ठाकुर सहित कृषि व वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

सिंचाई योजनाओं का किया निरीक्षण

राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष रमेश धवाला की अध्यक्षता में सदस्यों विधायक नरेंद्र ठाकुर, जगत सिंह नेगी व राजेंद्र राणा ने जायका के तहत बनी सिंचाई योजनाओं का निरीक्षण किया। समिति सदस्यों ने पंचायत सरकारी सिद्धपुर में 75 लाख, 84 हजार से निर्मित बहाव सिंचाई योजना सिद्धपुर सरकारी, खड़ौठ में एक करोड़, 53 लाख से बनी स्पडुल कूहल और एक करोड़ 47 लाख से निर्मित पठान कूहल, पंचायत भट्टू में 35 लाख से निर्मित कलेक्शन सेंटर और बैजनाथ में एक करोड़ 18 लाख रुपये से निर्मित बहाव सिंचाई योजना कंजरेहड़ सेहल का भी निरीक्षण किया।

सौरभ वन विहार के नुकसान का भी लिया जायजा

प्राक्कलन समिति ने शहीद सौरभ वन विहार के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। समिति सदस्यों ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट भेजें। धवाला ने कहा कि वन विहार के पुनर्निर्माण के लिए डीसी या इंजीनियर इन चीफ की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर उन्हें दो माह के भीतर रिपोर्ट सौंपे।

Posted By: Rajesh Sharma

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