जेएनएन, ज्वालामुखी। आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रचारक इंद्रेश कुमार ने विश्व विख्यात शकि्तपीठ श्री ज्वालामुखी मंद‍िर में शीश नवाया और मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्हें मंदिर न्यास की ओर से प्रसाद व सिरोपा भेंट किया गया। उसके बाद विश्व ह‍िंदू परिषद के जिला अध्यक्ष डॉ. राजीव कुंदु के निवास पर

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा क‍ि भगवान श्री राम का उनकी जन्म भूमि में मंदिर बने इसके ल‍िए पूरा राष्ट्र उमड़ कर सामने आया है।

लोगों की आस्था, जन भावनाएं व श्रद्धा इस मुद्दे से जुड़ी हुई हैं। इसलिए सरकार राम मंद‍िर न‍िर्माण का अध्यादेश लाए और राम मंदिर का न‍िर्माण कार्य शुरू हो। उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी दल इस मामले को सदा के ल‍िए हल करने के लिए एकजुट हों। उन्‍होंने कहा क‍ि बाबर के सेनापति ने मंद‍िर तोड़ा था वहां पर कोई मसि्जद थी ही नहीं। वहां पर नमाज कभी पढ़ी ही नहीं गई थी। बाबरी मस्‍‍िजद का नाम इस्लाम का घोर अपमान है। क्योंकि बाबर मंगोली था और उसके नाम पर मस्‍‍िजद का नाम नहीं हो सकता है।

बाबर व उसके सेनापति ने इस्लाम का अपमान किया था। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के निर्माण का मुद्दा जनता के पाले में है जनता ने पहल कर दी है। यह मुद्दा कोर्ट के पाले में है कोर्ट शीघ्र ही निर्णय ले। यह मुद्दा विपक्षी दलों के पाले में है सभी को लोगों की भावनाओं की कद्र करते हुए समाधान निकालना चाहिए और यह मुद्दा सरकार के पाले में है सरकार शीघ्र ही अध्यादेश लाये। देश के 125 करोड़ लोग चाहते है कि मंदिर बने और राम जन्म भूमि में ही बने मसि्जद भी किसी अन्य पाक जगह पर बनाई जा सकती है। सभी धर्मों का मान करना ही हमारा उद्देश्य है।

इस मौके पर पूर्व मंत्री रविंद्र सिंह रवि, भाजपा नेता राजेंद्र राणा, हैप्पी, अतुल कौशल, किशन शर्मा, सुनील कुमार, नीलेश कुमार, शुभम, पूनम शर्मा, देसराज भारती, मास्टर राम स्वरूप शर्मा, डॉ. राजीव कुंदु, अमरनाथ शर्मा, एडवोकेट अभिषेक पाधा, मंदिर न्यास सदस्य, नगर पार्षद व शहर के प्रबुद्व लोग भी शामिल थे।

Posted By: Munish Dixit