मुकेश सरमाल, भदरोआ

विधानसभा क्षेत्र इंदौरा के मंड क्षेत्र से सरकारें विकास को लेकर भेदभाव करती आई हैं। मंड क्षेत्र में 10 पंचायतें पड़ती हैं और दो खड्डों के बीच स्थित है। आज तक सरकारें यहां पक्के पुलों का निर्माण नहीं करवा सकी हैं। इसका खामियाजा हर वर्ष बरसात में यहां के लोगों को भुगतना पड़ता है।

स्थानीय लोगों ने अपने खर्च से खड्ड में अस्थायी पुलियों का निर्माण करवाया था, जो बाढ़ आने से बह गई हैं। अब लोगों को जान जोखिम में डालकर खड्ड को पार करना पड़ रहा है। शाहनहर विभाग ने सामान ले जाने के लिए नहरें बनाते समय एक ही पुल का निर्माण किया था। ठाकुरद्वारा से मलकाना जाने के लिए दो किलोमीटर सफर तय करना पड़ता है। संपर्क मार्ग बहने से 25 किलोमीटर सफर तय करना पड़ रहा है।

ठाकुरद्वारा पंचायत उपप्रधान एवं इंदौरा कांग्रेस के उपाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष सरकार ने करीब 17 लाख रुपये से खड्ड में करीब 12 पाइपें डालकर रास्ते का निर्माण करवाया था, जो बह गया है। यहां के लोगों ने विभाग से बार-बार आग्रह किया था कि पाइपें डालने के बजाय कंक्रीट से रास्ते का निर्माण किया जाए लेकिन विभाग ने पाइपें डालकर पत्थरों का ही कच्चा रास्ता बना दिया। पाइपों में कचरा फंसने से पानी ने अलग रास्ता बनाकर धान, तिलहन की फसल को बर्बाद कर दिया है। स्थानीय लोग विभाग की ओर से बनाए गए पुल की साफ-सफाई व मरम्मत करने में जुटे हुए है ताकि आवाजाही के लिए यह बहाल हो सके। लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता ने कहा कि जेसीबी भेजकर पुल को ठीक करवा दिया जाएगा।

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