धर्मशाला, जागरण संवाददाता। गत दिनों धर्मशाला में हुए पर्यटन मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य एजेंडा होम स्टे योजना पर विशेष ध्‍यान देने की बात कही गई। इसके साथ ही होम स्टे के अच्छे परिणाम एवं पर्यटकों की फीडबैक के आधार पर अब पर्यटन मंत्रालय ने भी होम स्टे को प्राथमिकता देने की बात की है। धर्मशाला में हुए देश भर में पर्यटन मंत्रियों की तीन दिवसीय सम्मेलन में भी होम स्टे पर फोक्स किया गया। इसी को देखते हुए पहले से स्थापित होम स्टे को एक योजना के तहत विकसित करने के लिए हिमाचल प्रदेश में कार्य शुरू होने लगा है।

केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के पर्यटन विभाग की ओर से विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर धौलाधार परिसर एक में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। 27 सितंबर तक आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों का आगाज होम स्टे मालिकों की कार्यशाला के साथ हुआ। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि होम स्टे योजना पर्यटकों को स्थानीय लोगों और स्थानीय संस्कृति से जुड़ने का अवसर देते हैं। इसलिए जब भी कोई पर्यटक बाहर से आता है तो वह होमस्टेस में रहना अधिक पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला एक पर्यटन नगरी है और यहां पर पर्यटन व्यवसाय काफी अच्छे से गति कर सकता है लेकिन इसके लिए इस क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को एक साथ मिलकर कार्य करना चाहिए।

हिमाचल में पिछले 10 सालों से चल रहे होम स्टे

हिमाचल प्रदेश होम स्टे पिछले करीब 10 सालों के चल रहे हैं। इस कारण यह रहा था कि होम स्टे के लिए कोई औपचारिकता नहीं होती थी। होम स्टे संचालकों को घरेलू बिजली मीटर लगते हैं और होटलों की मुकाबले पंजीकरण की कोई बड़ी औपचारिकता नहीं होती है। कोरोना लाकडाउन के बीच जैसे ही सशर्त राहतें मिली तो देश विदेश के पर्यटकों ने मैदानी राज्यों को छोड़कर साफ आवाेहवा में रहने की मकसद से हिमाचल प्रदेश का चुना। जानकारी के मुताबिक प्रदेश में अभी करीब 3539 होम स्टे चल रहे हैं, जोकि करीब 3500 से चार हजार के बीच होटल हैं। कोराेना राहत के दौरान जो भी लोग हिमाचल आए तो उन्होंने होटलों की बजाए होम स्टे में पैकेज लेकर रहना शुरू कर दिया। इसी दौरान करीब 45 से 50 हजार के बीच लोग हिमाचल पहुंचे थे। इसमें सिर्फ पांच फीसद लोग ही होटलों में रहे, जबकि 95 फीसद होम स्टे में रहे।

हिमाचल में था तीन कमरों वाले होम स्टे का प्रारूप

हिमाचल प्रदेश में अभी तक तीन कमरे, एक लोबी और रसोई घर के प्रारुप से होम स्टे संचालित किया जाता है। जब सरकार की ओर से जो होम स्टे योजना बनाई गई है वह छह कमरों वाली है। ऐसे में हिमाचल में होम स्टे संचालकों को व्यवस्था बदलनी होगी।

सरकार ने होम स्टे को बिजली बिल में दी है राहत

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को सम्मेलन साफ किया था कि हिमाचल सरकार पर्यटन विकास पर विशेष जोर दे रही है। ‘नई राहें, नई मंजिलें’ के तहत पर्यटन पर विशेष जोर दिया जा रहा है और प्राकृतिक, धार्मिक, साहसिक गतिविधियां, सप्ताहांत, ग्रामीण और जनजातीय पर्यटन सहित छह मुख्य विषयों की पहचान की है। सरकार प्रदेश के अनछुए स्थलों को तलाश रही है। अनछुए पर्यटन गंतव्यों को प्रोत्साहन प्रदान करने की दिशा में बेहतर सड़क सुविधा एक चुनौती रहती है। इसके साथ ही प्रदेश के करीब 3539 होम स्टे को बिजली की खपत पर घरेलू शुल्क लिया जा रहा है।

चुनावी साल में आयोजन का भी रहेगा महत्व

अभी हिमाचल में चुनावी जोर है। इन दिनों में केंद्र की ओर से हिमाचल एवं मुख्य पर्यटन स्थल धर्मशाला में पर्यटन मंत्रियों का राष्ट्रीय सम्मेलन बड़ी बात है। भाजपा चुनावों में इसका लाभ जरूर लगेगी। प्रदेश सरकार अपनी पांच साल की उपलब्धियों में इस आयोजन को भी शामिल करते हुए विपक्ष पर हावी रहने का पूरा प्रयास करेगी।

Edited By: Richa Rana