शिमला, जेएनएन। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) में टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग करवाने के नाम पर जालसाज सक्रिय हो गए हैं। इस गिरोह का ताल्लुक बिहार व झारखंड से है। खासकर दिल्ली से हिमाचल आने वाले यात्री गिरोह के निशाने पर हैं। जालसाजों ने निगम के नाम से गूगल में वेबसाइट पर जाली एड्रेस अपलोड किए हैं, इससे लोग असली व नकली में भेद नहीं कर पा रहे हैं। इस तरह की ठगी के दो मामले सामने आए हैं। शिमला की एक युवती के बैंक खाते से ठगों ने 50 हजार रुपये उड़ा लिए हैं। वह दिल्ली से शिमला आ रही थी। उसने गूगल पर निगम की वेबसाइट से टिकट की बुकिंग की। बुकिंग तो हुई नहीं, उल्टे पैसों का चूना लग गया।

एक अन्य यात्री से भी तीन हजार रुपये की ठगी हुई। दोनों मामलों की सीआइडी के साइबर सेल से शिकायत की गई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जालसाज बिहार व झारखंड में सक्रिय हैं। मोबाइल लोकेशन इन राज्यों की आ रही है। जिन खातों में पैसा भेजा गया है, वे भी अन्य राज्यों के बताए गए हैं। ऐसे दिया ठगी को अंजाम युवती ने दिल्ली में अपने मोबाइल फोन पर गूगल के जरिये एचआरटीसी की वेबसाइट खोली। इसमें दिए गए टेलीफोन नंबर पर कॉल कर टिकट की ऑनलाइन बुकिंग करवानी चाही। फोन पर बताया गया कि आप बस की सीट के लिए कंडक्टर से बात करें और एक फॉर्म भरें।

फॉर्म भरने के दौरान यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआइ) का पिन और अन्य अहम जानकारी पूछ ली। टिकट बुक तो हुआ नहीं और बैंक खाते से 50 हजार रुपये उड़ा लिए गए। युवती को पता नहीं चला कि वह निगम के कर्मचारियों से नहीं बल्कि ठगों से बात कर रही थी। एक अन्य यात्री से तीन हजार रुपये की ठगी की गई जिसने भी दिल्ली से ऑनलाइन बु¨कग करवाई थी। निगम के अधिकारियों ने की शिकायत एचआरटीसी के अधिकारियों ने भी साइबर सेल के पास शिकायत की है। इसमें कहा गया है कि उनकी गूगल पर निगम के नाम से वेबसाइट का दुरुपयोग हो रहा है। ठगों ने वेबसाइट पर जाली एड्रेस अपलोड किए हैं। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

मोबाइल फोन से न करें बुकिंग

सीआइडी ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग न करें। जरूरत पड़ने पर लैपटॉप से बुकिंग करें। वे टिकट की बुकिंग से संबंधित ऑनलाइन फॉर्म न भरें। ओटीपी या कार्ड की सूचना शेयर न करें। एचआरटीसी का आइटी सेल गूगल पर निगम के नाम की सभी वेबसाइट पर पैनी नजर रखे। टिकटों के नाम पर ऑनलाइन ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। इस पर सावधानी बरतने से ही रोक लग सकती है। शिकायतों की जांच हो रही है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। -ज्ञानेश्वर सिंह ठाकुर, आइजी सीआइडी (क्राइम)

Posted By: Rajesh Sharma

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप