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हिमाचल के कांगड़ा में पैराग्लाइडिंग के दौरान हादसा, विदेशी पायलट की मौत; तीन को सेना ने किया रेस्क्यू

Published: Mon, 26 Oct 2026 08:26 PM (IST)

कांगड़ा जिले में पैराग्लाइडिंग के दौरान हुए हादसों में एक बुल्गारियाई पायलट की मौत हो गई, जबकि उसके ब्रिटिश साथी को सुरक्षित बचाया गया।

पैराग्लाइडिंग के दौरान हादसा, विदेशी पायलट की मौत। फाइल फोटो

पैराग्लाइडिंग के दौरान हादसा, विदेशी पायलट की मौत। फाइल फोटो

HighLights

  1. कांगड़ा में पैराग्लाइडिंग दुर्घटना, एक बुल्गारियाई पायलट की दुखद मौत।

  2. तेज हवा के कारण खनियारा में हुआ यह दर्दनाक हादसा।

  3. धौलाधार से ऑस्ट्रिया और पोलैंड के दो पायलट सुरक्षित निकाले गए।

जागरण संवाददाता, धर्मशाला। कांगड़ा जिले में पैराग्लाइडिंग के दौरान हादसों ने पायलटों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। खनियारा के राइजिंग स्टार पीक के पास तेज हवा के कारण हुए हादसे में बुल्गारिया के 47 वर्षीय पैराग्लाइडिंग पायलट की मौत हो गई, जबकि उसके साथ उड़ान भर रहा ब्रिटेन का नागरिक सुरक्षित बचा लिया गया।

वहीं, धौलाधार की बर्फ से ढकी पहाड़ियों में फंसे आस्ट्रिया और पोलैंड के दो विदेशी पैराग्लाइडर पायलटों को भी बीते रोज चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू आपरेशन के बाद सुरक्षित निकाल लिया गया। पुलिस के अनुसार, 25 अक्टूबर को बुल्गारिया निवासी मक्सिम वेलेंटाइनोविच गवरीलिचेंको (47) अपने ब्रिटिश मित्र स्टीफेन एंटोनी पर्दे के साथ बीड़-बिलिंग से सोलो पैराग्लाइडिंग उड़ान पर निकला था।

दोपहर करीब तीन से साढ़े तीन बजे के बीच खनियारा स्थित राइजिंग स्टार पीक के पास तेज हवा के कारण हादसा हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय हिम संसार रेस्क्यू टीम ने संयुक्त अभियान शुरू किया।

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

रात करीब नौ बजे टीमें घटनास्थल की ओर रवाना हुईं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में रातभर तलाशी अभियान चलाया गया। सोमवार सुबह करीब दस बजे आपरेशन पूरा हुआ। इस दौरान मक्सिम मृत मिला, जबकि ब्रिटेन निवासी स्टीफेन को सुरक्षित निकाल लिया गया।

मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए जोनल अस्पताल धर्मशाला के शवगृह में रखा गया है। पुलिस मामले में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर रही है। पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने घटना की पुष्टि की है।

बर्फीली चोटियों में चार रात फंसा रहा पायलट

दूसरे रेस्क्यू आपरेशन में आस्ट्रिया के सेबेस्टियन और पोलैंड के एडम विस्ज़्प्यागा को धौलाधार की ऊंची पहाड़ियों से सुरक्षित निकाला गया। इन्होने बीते बुधवार को बीड़-बिलिंग से उड़ान भरी थी, लेकिन निर्धारित लैंडिंग स्थल तक नहीं पहुंच पाए।

जानकारी के अनुसार, सेबेस्टियन चार रातों तक मैक्लोडगंज के उत्तर में बर्फ से ढकी दुर्गम खाई में फंसा रहा, जबकि एडम ने पालमपुर के उत्तर में करीब 3,800 मीटर की ऊंचाई पर दो रातें बिताईं।

दोनों पायलटों को निकालने के लिए पर्वतारोहण विशेषज्ञों, सुरक्षा टीमों और सेना के हेलीकाप्टर की मदद ली गई। सेबेस्टियन को निकालने के लिए 24 सदस्यीय पर्वतारोहण दल ने चुनौतीपूर्ण अभियान चलाया। दोनों पायलट सुरक्षित और स्वस्थ हैं।

उन्हें चिकित्सा जांच के लिए विवेकानंद मेडिकल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने बीड़-बिलिंग से उड़ान भरने वाले पैराग्लाइडरों के लिए मौसम और हवा की स्थिति पर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत को फिर रेखांकित किया है।

पैराग्लाइडिंग करते समय ये बरतें सावधानियां

  • अनुभवी पायलट के साथ ही उड़ान भरें, उसके लाइसेंस, प्रशिक्षण और संबंधित अनुमति के बारे जरूर जांच करें।
  • -हेलमेट सही तरीके से पहनें। हार्नेस, बकल और अन्य सुरक्षा उपकरणों की जांच करवाएं।
  • तेज हवा, तूफान, बारिश, कम दृश्यता या अस्थिर मौसम में उड़ान न भरें। मौसम खराब होने पर उड़ान रद करना ही सुरक्षित है।
  • टेकआफ, उड़ान और लैंडिंग के दौरान पायलट के निर्देशों को ध्यान से सुनें। अपनी मर्जी से कोई हरकत न करें।
  • टेकआफ के समय पायलट के संकेत पर ही आगे बढ़ें। बिना निर्देश के रुकने, बैठने या पीछे मुड़ने की कोशिश न करें।
  • ढीले कपड़ों और सामान से बचें। मजबूत जूते पहनें, मोबाइल, कैमरा और अन्य सामान सुरक्षित रखें, ताकि वे उड़ान के दौरान गिरें नहीं या किसी उपकरण में न फंसें।
  • लैंडिंग के समय सतर्क रहें। पायलट के निर्देश के अनुसार पैरों की स्थिति रखें और उतरते समय संतुलन बनाए रखें। समय से पहले हार्नेस से बाहर निकलने की कोशिश न करें।
  • चक्कर, बेहोशी की समस्या, गंभीर हृदय रोग या ऐसी कोई स्थिति जो उड़ान को जोखिमपूर्ण बना सकती है तो पहले चिकित्सीय सलाह लें। गर्भावस्था में पैराग्लाइडिंग से बचें।
  • -उपकरणों की जांच में पैराग्लाइडिंग की कैनोपी, रस्सियों, हार्नेस और अन्य सुरक्षा उनकरणों की उड़ान से पहले जांच होनी चाहिए।
  • जल्दबाजी में उड़ान न भरें इसके साथ भीड़, दबाव या केवल फोटो खिंचवाने के लिए जोखिम न लें। पायलट या मौसम को लेकर संदेह हो तो उड़ान से इनकार कर दें।

 

जिला कांगड़ा में दो पैराग्लाइडिंग हादसे हुए हैं। जिसमें एक मामले में दो विदेशी पैराग्लाइडिंग पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया है और अस्पताल में दाखिल हैं। जबकि एक अन्य मामले में एक विदेशी पायलट की मौत हुई है और एक को बचाया गया है।

- कुलभूषण वर्मा, पुलिस अधीक्षक, कांगड़ा।