नाहन,राजन पुंडीर। जिला सिरमौर में पिछले दो-तीन वर्षों से लहसुन के अच्छे दाम मिलने के चलते किसानों ने इस वर्ष भारी मात्रा में लहसुन का उत्पादन किया। मगर देश के अन्य राज्यों में भी इस बार लहसुन का उत्पादन काफी मात्रा में हुआ। जिसके चलते हिमाचल के लहसुन की डिमांड देश की बड़ी मंडियों में कम हो गई है। मजबूरन जिला सिरमौर के किसानों ने करीब 25 हजार मीट्रिक टन लहसुन को स्टोर कर दिया है। किसानों को उम्मीद है कि कुछ समय बाद लहसुन के दामों में उछाल आएगा, उसके बाद लहसुन बेचेंगे। मई माह के प्रथम सप्ताह में किसानों द्वारा खेतों से लहसुन निकालकर उसे सुखा कर उसकी ग्रेडिंग कर जून में पैकिंग कर स्टोर कर दिया गया है।

क्योंकि इन दिनों टाप क्वालिटी के लहसुन का दाम 70 से 75 रुपये प्रति किलो मिल रहा है।जबकि बारीक लहसुन 25 रुपए, मध्यम आकार का लहसुन 35, ए वन लहसुन 50 से 55, ट्रिपल ए 65 से 75 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। जबकि क्षेत्र के किसानों का कहना है कि जब उन्होंने लहसुन का बीज लगाया था। तो उन्होंने 100 प्रति किलो के हिसाब से बीज खरीदा था। 35 से 75 रुपये प्रति किलो के बीच तो उनकी बीच की कीमत भी पूरी नहीं होती। उनकी मेहनत और मुनाफा कुछ नहीं मिल रहा है। हिमाचल प्रदेश के लहसुन की तमिलनाडु, कर्नाटक, चेन्नई व हैदराबाद की मंडियों में भारी डिमांड रहती थी।

यहां से यह लहसुन बाहरी देशों में जाता था। इस बार मार्च व अप्रैल माह में बारिश ना होने से भी सिरमौर के लहसुन का साइज थोड़ा कम है। श्रीरेणुकाजी के ददाहू क्षेत्र के आढ़ती विक्रम सिंह ने बताया कि इस बार दक्षिण भारत के राज्यों को भेजा गया, जहां लहसुन के दाम कम मिल रहे हैं। नोहराधार के आढ़ती जेपी ब्रदर्स, ब्रह्मानंद, रविंद्र चौहान, अशोक और भूपेंद्र ने बताया कि इस वर्ष दूसरे राज्यों से मंडियों में अधिक लहसुन आ रहा है। जिसके दाम कम है, इसी के चलते हिमाचल के लहसुन की भी मंडियों में कम दाम मिल रहे हैं। इन दिनों एक ग्रेड का लहसुन 70 से 75 रुपए किलो बिक रहा है।

जिला सिरमौर के सराहां, नारग, मानगढ़, शिलाई, नोहराधार, संगडाह, राजगढ़ सैनधार व धारटीधार के किसानों ने करीब 25 हजार मैट्रिक टन लहसुन अपने गोदामों में स्टोर कर लिया है। जो कि 100 प्रति किलो रेट आने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जबकि कुछ किसानों ने लहसुन मंडियों में बेच दिया है। अब तक जिला सिरमौर के किसानों द्वारा करीब दो करोड़ का लहसुन बेचा जा चुका है। जबकि जिला के किसानों द्वारा 10 करोड़ से अधिक का लहसुन स्टोर कर लिया गया है। उधर जिला सिरमौर कृषि विभाग के उपनिदेशक डा राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि इस वर्ष विभाग को 60 हजार मीट्रिक टन लहसुन की उम्मीद थी, मगर लहसुन का जिला में कितना उत्पादन हुआ है, इसके अभी सही आंकड़े आना बाकी है।

Edited By: Richa Rana