बद्दी (सोलन), संवाद सहयोगी। Fake Billing, हिमाचल और पंजाब में स्क्रैप के माध्यम से 750 करोड़ की फर्जी बिलिंग करने वाले गिरोह का जीएसटी सतर्कता निदेशालय चंडीगढ़ ने रहस्योद्घाटन किया है। निदेशालय की यह कार्रवाई कई दिनों से चल रही है। अब तक की जांच में 750 करोड़ की फर्जी बिलिंग का पता चला है। गिरोह का मास्टरमाइंड पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। यह गिरोह इस प्रकार काम करता था कि किसी को खबर नहीं होती थी। जीएसटी सतर्कता निदेशालय चंडीगढ़ ने मंडी गोबिंदगढ़ (पंजाब) के विभिन्न स्थानों पर दबिश दी थी। फर्जी बिलिंग के तार हिमाचल के भी कई उद्योगों से जुड़े हैं।

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यह सब फर्जी बिलिंग मंडी गोबिंदगढ़ स्थित स्टील स्क्रैप इंडस्ट्री के माध्यम से हुई है। इसके बाद टीम ने अतिरिक्त महानिदेशक डा. अतुल हांडा के नेतृत्व में प्रदेश व पंजाब के विभिन्न स्टील एवं लौह उद्योगों में दबिश दी व रिकार्ड खंगाला। कुछ उद्योगों का रिकार्ड कब्जे में भी लिया है। डा. अतुल हांडा ने बताया कि इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड मंडी गोबिंदगढ़ का साहिल गर्ग है, जो अब न्यायिक हिरासत में है। उन्होंने बताया कि कई जगह दबिश देकर गिरोह के बाकी सदस्यों तक भी जल्द पहुंचा जाएगा।

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Edited By: Rajesh Kumar Sharma