धर्मशाला, जेएनएन। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बताएं कि प्रदेश में दो कानून किसकी शह पर चल रहे हैं। एक ओर पौंग डैम के साथ लगती जमीन पर विस्थापितों को गेहूं बिजाई से रोका जा रहा है, वहीं प्रभावशाली लोग खेती कर रहे हैं। यह बात पूर्व सांसद डॉ. राजन सुशांत ने बुधवार को धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि वह शिमला में मुख्यमंत्री, वन मंत्री व मुख्य सचिव से मिले तो उन्होंने यही कहा कि विस्थापित यहां खेती कर सकते हैं और इसके आदेश कर दिए जाएंगे।

हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री से अधिकारियों की बैठक बुलाए जाने पर उन्हें आमंत्रित करने की बात कही लेकिन न तो उन्हें बैठक में आमंत्रित किया गया और न ही इस दिशा में आदेश हुए। कहा कि विस्थापितों को खेती से रोकने के लिए पंचायतों के माध्यम से नोटिस जारी करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह विस्थापितों के साथ हैं और उन्हें भूखा नहीं मरने देंगे।

उन्होंने अफसोस व्यक्त किया कि जब 1968 के समझौते अनुसार राजस्थान में विस्थापितों को मुरब्बे नहीं मिल रहे हैं तो पौंग बांध की जमीन पर विस्थापितों का ही मालिकाना हक है। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री से यह जानना चाहते हैं कि पौंग बांध की जमीन पर किसका मालिकाना हक है। इस मौके पर केवल कृष्ण, काकू राम, जरनैल ङ्क्षसह, रमन कुमार व राङ्क्षजद्र भी मौजूद रहे।

Posted By: Rajesh Sharma

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