शिमला, राज्य ब्यूरो। Himachal Pradesh Electricity Production, विद्युत राज्य हिमाचल में सर्दी की दस्तक के साथ ही बिजली की कमी हो गई है। प्रतिदिन 30 से 40 लाख यूनिट विद्युत की कमी है, जिसे बैंकिंग से पूरा किया जा रहा है। गर्मियों में जिन छह राज्यों को बिजली हिमाचल ने दी थी, उनसे सरकार वापस ले रही है। प्रदेश में तापमान में गिरावट से चोटियों पर हिमखंड जमने शुरू हो गए हैं। इससे नदियों का जलस्तर घटने लगा है और विद्युत परियोजनाओं में उत्पादन प्रभावित होने लगा है। हिमाचल को प्रतिदिन 335 लाख यूनिट तक बिजली उपलब्ध रहती है, जो लगातार घट रही है। बुधवार सुबह तक यह आंकड़ा 297 लाख यूनिट तक पहुंच गया।

आशंका है कि सर्दियों में विद्युत उत्पादन घटकर आधा रह जाएगा। इस कारण प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों से बिजली लेना शुरू कर दी है। प्रदेश में 60 प्रतिशत से अधिक बिजली की खपत औद्योगिक क्षेत्र में होती है। प्रदेश में कड़ाके की ठंड में हीटर और गीजर के प्रयोग से बिजली की मांग बढ़ जाती है।

ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने कहा कि मांग के आधार पर हम बिजली यूनिट बैंकिंग को बढ़ाएंगे और अन्य राज्यों से बिजली उधार भी लेंगे। मार्च तक पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़ आदि से प्रदेश सरकार इस संबंध में मदद लेगी।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बहुत से विद्युत प्रोजेक्टों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। कई ऐसे प्रोजेक्ट भी हैं, जिनमें कुछ बाधाएं आ रही थी। उन प्रोजेक्ट मालिकों के साथ भी नए सिरे से अनुबंध किया गया है, जिसके कारण पांच मेगावाट से कम ऊर्जा के अधिकांश प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य प्रदेश में शुरू हो गया है।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma