धर्मशाला, जेएनएन। कैबिनेट में 3636 शिक्षकों के पद भरने की बात पर सदन में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने स्कूल प्रबंधन समिति के तहत भर्ती किए गए एसएमसी शिक्षकों के भविष्य पर सवाल उठाया। उन्‍होंने मांग उठाई कि प्रदेश सरकार चाहे शिक्षकों ने नए पद सृजित करे, लेकिन मौजूदा समय में जो 1541 एसएमसी शिक्षक तैनात हैं, उन्हें न हटाया जाए। इसके जवाब में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कैबिनेट में 3636 शिक्षकों के पर भरने की स्वीकृति दी है, अभी तक उन्हें भरने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। एसएमसी शिक्षकों को नहीं हटाया जाएगा और सिर्फ खाली पदों पर ही नए शिक्षक तैनात किए जाएंगे।

बसंतपुर में सिर्फ सीमेंट प्लांट लगाने की योजना

बसंतपुर में सीमेंट प्लांट स्थापित करने से क्षेत्र में सेब उत्पादकों को होने वाले नुकसान पर कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य की चर्चा के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि बसंतपुर में सीमेंट प्लांट लगाने की अभी सिर्फ योजना है और कुछ नहीं है। सरकार ने स्थान फाइनल नहीं किया है। अगर यहां सीमेंट प्लांट स्थापित करना भी होगा तो क्षेत्र में लोगों को विश्वास में लिया जाएगा। साथ ही पंचायतों की एनओसी लेने के बाद ही प्लांट स्थापित किया जाएगा। इससे पूर्व विक्रमादित्य ने कहा कि अगर यहां सीमेंट प्लांट स्थापित होता है तो बसंतपुर के साथ अन्य क्षेत्रों में इससे नुकसान होगा। प्लांट लगने से सेब उत्पादन व मछली पालन करने वाले लोग प्रभावित होंगे।

सैनिक स्कूल सुजानपुर की ग्रांट बहाल करने पर होगा विचार

सैनिक स्कूल सुजानपुर की स्टेट ग्रांट बंद करने से पैदा हुए संकट पर सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा के प्रस्ताव के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस बात से सरकार सहमत है कि सैनिक स्कूल सुजानपुर में कई प्रशासनिक अधिकारी इस वक्त सेवाएं दे रहे हैं। सरकार ने स्कूल के लिए 2015-16 के दौरान ग्रांट बंद कर दी थी। अब सरकार को 2.21 करोड़ की देनदारी का पत्र मिला है। इस बाबत मुख्यमंत्री से विचार विमर्श किया जाएगा। इससे पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि सैनिक स्कूल सुजानपुर संकट के दौर में चल रहा है। स्कूल से हर साल करीब पांच सौ बच्चे निकलते हैं और अधिकतर सेना और प्रशासनिक पदों में सेवाएं देते हैं। ग्रांट बहाल की जाए तो स्कूल की स्थिति को सुधारा जा सकता है।

लोकसभा चुनाव के कारण नहीं हो पाई बैठकें

संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने नियम-344 के तहत वर्ष 2019 में विधानसभा के न्यूनतम 35 बैठकें न होने पाने के कारण विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली 1973 के नियम 4 के प्रचलन को इस वर्ष के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव लिया। हालांकि प्रस्ताव में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने सुझाव दिए लेकिन प्रस्ताव ध्वनिमद से पारित हो गया। प्रस्ताव रखते वक्त सुरेश भारद्वाज ने कहा कि इस वर्ष एजेंडा भी कम था और लोकसभा चुनाव के दौरान बैठकें नहीं हो पाई। अगले वर्ष प्रयास करेगा कि विधानसभा की कम से कम 40 से अधिक बैठकें हों।

Posted By: Rajesh Sharma

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