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गगरेट, अविनाश विद्रोही। नशा नाश की ओर धकेलता है। इसकी लत लगना आसान है, लेकिन पीछा छुड़ाना बहुत मुश्किल। नशे की लत पूरी करने के लिए आदी व्यक्ति सुधबुध खोकर ऐसे कदम उठा लेता है, जो हैरान ही नहीं करते बल्कि सोचने पर मजबूर करते हैं कि समाज किस दिशा में जा रहा है। ऐसा ही एक मामला ऊना जिले के गगरेट उपमंडल में सामने आया, जहां चिट्टे की लत से मजबूर होकर युवक ने 40 हजार रुपये का मोबाइल फोन मात्र 1200 रुपये में गिरवी रख दिया।

बताया जा रहा है कि इस युवक के माता-पिता सरकारी नौकरी करते हैं। उसके पास लगभग डेढ़ लाख की बाइक है, जिस पर वह अक्सर घूमते देखा गया है। सूत्र बताते हैं कि चिट्टे की एक डोज यानी एक ग्राम लगभग 1200 रुपये में उपलब्ध होती है। पैसे न होने पर युवक ने महंगा फोन गिरवी रखकर नशे की लत पूरी कर ली। युवक के इस कदम से लोग हैरान हैं। इस मामले से यह बात तय है कि नशे की पूर्ति के लिए युवा किसी भी हद तक जा सकते हैं। यहां तक कि घर के सामान को भी गिरवी रखने में गुरेज नहीं कर रहे हैं। यदि इन हालातों पर जल्द ही रोकथाम न लगाई गई तो ये नशा कितने घर बर्बाद कर देगा, इसके बारे में कहना मुश्किल है।

चिट्टे के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान भी इसे रोकने में अभी तक नाकाफी है और यह नशा तेजी से युवाओं की रगों में जहर की तरह दौड़ रहा है। इस नशे की वजह से अब तो हिमाचल में मौतें होने के मामले सामने आने पर पुलिस महानिदेशक को चिट्टे के कारोबार करने वालों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने के फैसला लिया जा रहा है। उधर, एएसपी विनोद धीमान ने बताया कि पुलिस ने नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है, ताकि किसी की जिंदगी नशे के चंगुल में फंसकर बर्बाद न हो।

Posted By: Rajesh Sharma

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