कांगड़ा/शिमला, जेएनएन। कोलकाता में सोमवार को एक मरीज की मौत के बाद उनके तीमारदारों की ओर से डॉक्टरों के साथ की गई मारपीट के विरोध में आइजीएमसी व टीएमसी कांगड़ा में चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगाकर विरोध जताया। सुबह नौ बजे से सेम्डीकॉट के सदस्यों ने काले बिल्ले पहन लिए, लेकिन सभी डॉक्टर ओपीडी में मौजूद रहे। ऐसे में मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। लेकिन गेट के सामने एकजुट होकर डॉक्टर शांतिपूर्वक एकत्रित हुए थे तो कुछ देर के लिए मरीजों को दिक्कत हुई, लेकिन अन्य सभी डॉक्टर ओपीडी में सेवाएं दे रहे थे। इससे विरोध प्रदर्शन का ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा।

सेम्डीकॉट के प्रेजिडेंट डॉ. आरएस मिन्हास ने बताया कि कोलकाता में डॉक्टर के साथ जो मारपीट हुई है, हम उसका विरोध करते हैं। अगर सरकार ने तुरंत कार्रवाई नहीं की तो सेम्डीकॉट हड़ताल पर जाएगी। शनिवार को सेम्डीकॉट के सभी सदस्यों ने काले बिल्ले लगाकार विरोध जताया। अगर सरकार डॉक्टरों के लिए सुरक्षा मुहैया नहीं करवाएगी तब तक डॉक्टर अपनी ड्यूटी कैसे देंगे। हिमाचल में भी इस तरह के मामले पहले आ चुके हैं। कल देशव्यापी हड़ताल की घोषणा पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों से हुई मारपीट के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन भी हड़ताली डॉक्टरों के समर्थन में आ गई है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने देश के 19 राज्यों के डॉक्टरों के साथ मिलकर 17 जून को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। एसोसिएशन ने बकायदा सरकार को पत्र लिखकर केंद्रीय अस्पताल सुरक्षा कानून बनाकर पूरे देश में लागू करने की मांग की है। साथ ही कहा है कि यदि मांगें पूरी नहीं की जातीं तो सोमवार को देशव्यापी हड़ताल की जाएगी। हालांकि अभी हिमाचल की आईएमए ने फैसला नहीं लिया है।

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