धर्मशाला,संवाद सहयोगी। जिला कांगड़ा को नौ और एंबुलेंस मिली हैं। इन एंबुलेंस के मिलने से मरीजों को पहले की अपेक्षा अधिक सुविधा मिल पाएगी, क्योंकि कई बार एंबुलेंस कम होने के कारण मरीजों को जल्द 108 एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल पाती थी। जिला कांगड़ा में पहले सभी बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस 22 एंबुलेंस थी। इनमें 9 एंबुलेंस और जोड़ दी गई है यानी कि अब जिला कांगड़ा के पास 31 एंबुलेंस हो गई है। सरकार की ओर से इन एंबुलेंस को चलाने का उद्देश्य यह है कि बीमार व्यक्ति का त्वरित गति से इलाज शुरू हो जाए और उसका जीवन बचाया जा सके। इसके साथ साथ दो रेफरल एंबुलेंस हैं। जिसके द्वारा बीमार व्यक्ति को जरूरत के अनुसार बड़े अस्पताल में पहुंचाया जाता है। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में दो फर्स्ट रिस्पांस बाइक एंबुलेंस भी हैं, जिनका प्रयोग उन स्थानों पर किया जाता हैं जहां बड़ी एंबुलेंस नहीं जा सकती।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डा. गुरदर्शन ने कहा कि 108 एंबुलेंस में रोगी की जरूरत के अनुसार आधारभूत सभी सुविधाएं होती हैं इसलिए लोग जरूरत पड़ने पर निजी वाहन की जगह इन वाहनों का उपयोग करें, क्योंकि इन वाहनों में रोगी का बैठते ही इलाज शुरू हो जाता है जबकि निजी वाहन में जब तक रोगी अस्पताल में नहीं पहुंचता है तब तक उसका इलाज शुरू नहीं होता और बीमार व्यक्ति की  और बिगड़ जाती है।इसलिए इन एंबुलेंस का लाभ उठाएं। इन एंबुलेंस का लाभ उठाने के लिए मरीज व उसके तीमारदार 108 टोल फ्री नंबर पर संपर्क करें।

पहले कहां कितनी एंबुलेंस

जिला कांगड़ा में सिविल अस्पताल बैजनाथ, सिविल अस्पताल पालमपुर, सिविल अस्पताल नगरोटा बगवां, चढ़ियार, जयसिंहपुर, थुरल, धीरा, सिविल अस्पताल कांगड़ा, शाहपुर, नगरोटा सूरियां, जवाली, इंदौरा, सिविल अस्पताल नूरपुर, तकीपुर, ज्वालामुखी, सिविल अस्पताल देहरा, डाडासीबा, धर्मशाला में दो और आइएफटी नूरपुर, टांडा व देहरा में हैं।

इन अस्पतालों को मिली नई एंबुलेंस

जिला कांगड़ा में क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला, सिविल अस्पताल पालमपुर, नूरपुर, दरीणी, खुंडियां, गरली, फतेहपुर, बड़ोह व खैरियां को नई एंबुलेंस मिली हैं।

Edited By: Richa Rana