फतेहपुर, जेएनएन। तपोवन स्थित विधानसभा में मंगलवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलने के बाद पौंग विस्थापितों ने बुधवार को पूर्व सांसद राजन सुशांत के नेतृत्व में बांध किनारे खाली पड़ी भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की खाली भूमि पर गेहूं की बिजाई शुरू कर दी। हालांकि मुख्यमंत्री ने विस्थापितों को कार्रवाई का आश्वासन दिया था। उधर बिजाई की सूचना मिलते ही वाइल्ड लाइफ के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान पूर्व सांसद राजन सुशांत के नेतृत्व में विस्थापितों और अधिकारियों के बीच काफी गहमागहमी हुई।

जैसे ही विभागीय टीम फतेहपुर के तहत बीबीएमबी क्षेत्र में पहुंची और लोगों को बिजाई करने से रोकने लगी राजन सुशांत मौके पर पहुंच गए। उन्होंने खुद ट्रैक्टर पर बैठकर बिजाई शुरू करवा दी। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण होते देखकर फतेहपुर थाना प्रभारी सुरेश शर्मा टीम समेत मौके पर पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट का फैसला भी सुनाया। इस दौरान पूर्व सांसद ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि आज के बाद कोई भी विभागीय कर्मी विस्थापितों को परेशान नहीं करेगा अन्यथा इसका परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।

क्या है मामला

पौंग बांध विस्थापित सेंक्चुअरी एरिया में जब जलस्तर कम होता है तो गेहूं की बिजाई करते थे। इसी साल हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार वन्य प्राणी विभाग ने बिजाई पर रोक लगा दी है। इसके विरोध में मंगलवार को पूर्व सांसद डॉ. राजन सुशांत के नेतृत्व में विस्थापितों ने जोरावर स्टेडियम से विधानसभा परिसर तक रोष रैली निकाली थी और ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री से राजस्थान सरकार से समझौता तोडऩे के लिए विस में बिल पारित करने की मांग उठाई थी। साथ ही कहा था कि विस्थापित तब तक पौंग क्षेत्र की जमीन पर गेहूं की बिजाई जारी रखेंगे जब तक उन्हें हक नहीं मिलता। मुख्यमंत्री ने दो दिन के भीतर यह स्पष्ट करने का आश्वासन दिया था कि पौंग क्षेत्र की जमीन पर विस्थापित खेती करेंगे या नहीं।

विभाग को पौंग क्षेत्र में अवैध तरीके से खेती होने की सूचना मिली थी। इसके बाद मौके पर पहुंचे और जायजा लिया। उच्चाधिकारियों को भी इस बाबत अवगत करवा दिया है। -अजय शर्मा, सहायक अरण्यपाल वाइल्ड लाइफ।

 

विभाग किसानों को तंग न करे। पौंग विस्थापित पिछले कई वर्षों से खेती करते आ रहे हैं। जब तक विस्थापितों को हक नहीं मिल जाता, वह पौंग की खाली भूमि पर बिजाई जारी रखेंगे। इसके लिए  विस्थापितों के साथ खड़े हैं। -डॉ. राजन सुशांत, पूर्व सांसद।

Posted By: Rajesh Sharma

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