जेएनएन, सुजानपुर। पंचायती राज संस्थाएं लोकतंत्र का आधारभूत स्तंभ हैं और प्रदेश सरकार को अपने दलगत स्वार्थ के लिए इन संस्थानों को खोखला करने व राजनीति का शिकार बनाने से बचना चाहिए। जारी प्रेस बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद कुछ महत्वाकांक्षी नेताओं के स्वार्थो की पूर्ति के लिए प्रदेश में कई स्थानों पर कांग्रेस समर्थित ब्लॉक समितियों के अध्यक्ष व उपाध्यक्षों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए गए और अलोकतांत्रिक तरीके से ब्लॉक समितियों पर सत्तारूढ़ दल में काबिज होने की कोशिश की।

लेकिन अधिकांश स्थानों पर सरकार की किरकिरी हुई और जनता में भी इसका गलत संदेश गया। राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार को पंचायती राज संस्थाओं को और मजबूत करने की तरफ ध्यान देना चाहिए न कि पार्टी के कुछ नेताओं के स्वार्थ सिद्धि के लिए पंचायती राज संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा बनना चाहिए। कांग्रेस समर्थित पंचायतों में विकास कार्यों में भी भेदभाव किया जा रहा है और प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों पर अनावश्यक दबाव भी बनाया जा रहा है।

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