धर्मशाला, जागरण संवाददाता। Fresh Snowfall On Dhauladhar Mountains, धौलाधार पर्वत ने चांदी सा आवरण ओढ़ लिया है। बर्फबारी से पहाड़ का सुंदर स्वरूप लौट आया है, वहीं शीतलहर तेज हो गई है। रात से शुरू हुई बारिश सुबह भी जारी है। ठंड के कारण लोगों को गर्म कपड़ने निकालने पड़े हैं। अक्टूबर में सीजन का पहला हलका हिमपात 18 अक्टूबर को ऊंची चोटियों पर हुआ था। अब 24 अक्टूबर को करवा चौथ के दिन धौलाधार ने बर्फ का आवरण ओढ़ लिया है। इसी के साथ धौलाधार ने शरदऋतु का भी मानो स्वागत किया है।

किसानों के लिए भी यह बारिश राहत की है। ऐसे स्थान जहां पर खेतीबाड़ी के लिए सिंचाई सुविधा नहीं है, उन स्थानों के किसान अब अपने खेतों में गेहूं की बिजाई कर सकेंगे। वहीं कुछ किसान जिन्होंने गेहूं की अगेती बिजाई की तैयारी कर रखी है, वह किसान भी खेतों में गेहूं को बीज सकेंगे। जबकि जो किसान जिनके धान की फसल देरी से पकी है या कुछ ऐसे बीज धान के लगाए थे जो पिछेते थे ऐसे किसानों के लिए यह बारिश आफत की है। हालांकि ज्यादातर किसानों ने धान की फसल को समेट लिया है। वहीं ज्यादातर किसान अपने पशुओं के लिए चारा भी एकत्रित कर चुके हैं। लेकिन कुछ किसानों का चारा अभी खेतों में व जंगलों में पड़ा हैै। बारिश से उसको नुकसान जरूर हुआ है।

मौसम विभाग ने भी पहले ही अलर्ट जारी किया था और शनिवार व रविवार को दो दिन बारिश की संभावना जताई थी। ऐसे में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना जताई थी, अब बर्फबारी से शीतलहर तो जरूर तेज हुई है, लेकिन धौलाधार ने अपना मूल स्वरूप बर्फ के कारण पा लिया है। धौलाधार में बर्फ चांदी सी चमक उठी है।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma