ढांगूपीर, दिनेश पंडित। पंजाब हिमाचल की सीमा पर स्थित ढांगूपीर में वर्षों से बंद पड़ी सब्जी मंडी की दुकानें खंडहर में तब्दील हो चुकी है। कुछ दुकानों की छत तो गिरने की कगार पर है। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश तहसील इंदौरा की सब्जी मंडी का शुभारंभ 1986 में ढांगूपीर में हुआ था जोकि हिमाचल प्रदेश में आती है। 3 वर्ष उपरांत 1989 मे सब्जी मंडी किन्हीं कारणों से बंद हो गई थी और स्थानांतरित करके दोबारा पठानकोट चक्की बैंक रेलवे स्टेशन के पास चली गई। उसके उपरांत उक्त दुकानें बंद पड़ी सब्जी मंडी की लगभग 20 के करीब दुकानें बंद पड़ी हुई, है तथा जिन -पर पंजाब के लोगों का अवैध कब्जा है।

ता की बात है कि हिमाचल प्रशासन गत कई वर्षों से मुख दर्शक बनकर बैठा हुआ है। अब इन खंडहर नुमी बंद बंद दुकानों में नशेड़ी मौज मस्ती करते हैं तथा उनके लिए यह बंद पड़ी दुकानें किसी वरदान से कम नहीं है। आसपास रहने वाले मोहल्ला निवासियों ने कहा कि उक्त बंद पड़ी दुकानों को या तो दोबारा खोला जाए या कोई स्थाई हल निकाला जाए और मोहल्ला निवासियों को इस समस्या से निजात दिलाई जाए क्योंकि पहले भी इन्हीं दुकानों के नीचे बने तो तहखानों में अक्सर काफी हादसे घटित हो चुके हैं जिनकी गिनती करना मुश्किल है अक्सर यहां पर असमाजिक तत्व नशे करते हैं। इन दुकानों का इस तरह बंद रहना हिमाचल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।

स्थानीय लोगों में सुनील ठाकुर ने कहा कि एक तरफ तो प्रशासन अवैध कब्जा धारियों पर अपना पीला पंजा चलाकर अपनी पीठ थपथपा रहा है मगर ढांगूपीर में बंद पड़ी सब्जी मंडी की करोड़ों रुपये की दुकानों पर पंजाब के लोगों द्वारा कुंडली मारकर जो बैठे हैं उन पर कोई भी कारवाई अमल में न लाना प्रशासन की नाकामी की तरफ इशारा कर रहा है। नरेश बेदी ने कहा कि करोड़ों रुपये की संपति पर पंजाब के लोगो का अवैध कब्जा प्रशासन की नाकामी दर्शा रहा है।

वहीं सामान्य उद्योग हिमाचल प्रदेश चेयरमैन मनोहर धीमान ने कहा कि सरकार को बंद पड़ी सब्जी मंडी पर अवैध कब्जाधारियों पर नुकेल कसनी चाहिए और उपरोक्त जमीन की निशान देही करके मंडी की बंद पड़ी दुकानों को फिर से सुचारू करके बंद दुकानों को अलाट करना चाहिए। उधर एसडीएस इंदौरा सौमिल गौतम ने कहा कि सरकारी संपति पर अवैध कब्जे का मामला मेरे संज्ञान में आपके माध्यम से ही आया बहुत जल्दी इस विषय पर कानूनी कारवाई अमल में लाई जाएगी।

Edited By: Richa Rana