जसूर, जेएनएन। हिमाचल प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से डिपो संचालकों को जारी नए आदेश एक तुगलकी फरमान के बराबर हैं। हिमाचल प्रदेश डिपो संचालक समिति के प्रदेश प्रवक्ता सुदर्शन शर्मा ने नए आदेशों को तमाम डिपो संचालकों के साथ-साथ प्रदेश के करीब 15 लाख उपभोक्ताओं को उलझाने का तुगलकी फरमान बताया है। नए आदेश के अनुसार डिपो होल्डर राशन उठाने से पहले नागरिक आपूर्ति निगम के मुख्य गोदाम में जाकर अधिकृत कर्मचारी से अलोटेड वस्तुओं का कच्चा एस्टीमेट बनवाकर बैंक खाते में राशि जमा करवाएगा, इसके बाद गोदाम में जाकर रसीद दिखाने के उपरांत गोदाम से राशन उठाने की तिथि निश्चित करवाएगा तब जाकर सामान ले सकेगा।

साथ ही जो वस्तुएं निगम गोदाम में मौके पर मिलेंगी, वहीं लेनी पड़ेंगी बाकी बकाया राशि निगम के पास होल्ड हो जाएगी। लेकिन गोदामों में पहले से ही सरकारी वस्तुओं का टोटा चला हुआ है। दो महीनों से दाले न मिलने से लाखों उपभोक्ता परेशान हैं। ऊपर से त्योहारों के दिन चल रहे हैं विशेषकर डिपो होल्डर मानसिक तनाव में हैं। इस लंबी प्रक्रिया से निगम के गोदामों से डिपो संचालकों को राशन उठाने में देरी होगी और प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर होगा।

सुदर्शन शर्मा के अनुसार प्रदेश का पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम चरमरा जाएगा। प्रदेश में अराजकता का माहौल बन सकता है। इससे पहले कि प्रशासन गंभीरता से इस फरमान को निरस्त कर पहले वाली व्‍यवस्‍था चलने दें, अन्‍यथा 45 दिन के बाद प्रदेश के तमाम डिपो संचालक सड़कों पर उतरकर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर समिति के जिला कांगड़ा अध्यक्ष निरंजन सिंह, समिति के नूरपुर ब्लॉक अध्यक्ष मुनीश महाजन, महासचिव कमल सिंह, सचिव हैप्पी अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।

Posted By: Rajesh Sharma

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