संवाद सहयोगी, धर्मशाला : बेशक वर्तमान में विश्व आर्थिक मंदी से गुजर रहा है, लेकिन भारत में इसका कारण नोटबंदी व जीएसटी है। यह बात शनिवार को धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कही।

उन्होंने कहा, वर्तमान में बीएसएनएल के 45 हजार कर्मियों पर नौकरी का संकट है। यदि इन्हें 4 जी स्पेक्ट्रम दिया होता तो यह लाभांश अर्जित कर सकते थे और इससे बीएसएनएल की हालत भी सुधरती। बकौल दिग्विजय, वह प्रधानमंत्री की आलोचना नहीं करते, लेकिन पीएम निर्णय जल्द ले लेते हैं। नोटबंदी से पहले नए नोट नहीं छापे और एक माह के भीतर 55 बार नए निर्देश जारी हुए और इससे देश की अर्थव्यवस्था ही बिगड़ गई और 50 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं। बिना तैयारी ही जीएसटी लागू कर दिया। इसमें भी पेट्रोलियम व शराब को अलग रखा गया है जबकि सेस अलग से है। हालांकि कांग्रेस ने सिंगल स्लैब की बात उठाई थी कि इसे 18 फीसद किया जाए। वर्तमान में व्यापारी चार्टर्ड अकाउंटेंट की शरण में चले गए हैं। उन्होंने कहा, यदि सिगल स्लैब होता तो व्यापारियों को दिक्कत न होती और सुविधाजनक तरीके से वे टैक्स भर पाते। आरोप लगाया कि भाजपा उद्योगपतियों की तो मदद कर रही है, लेकिन छोटे व मध्यम उद्योगपति इस व्यवस्था से दुखी हैं। कांग्रेस एक आंदोलन व एक विचारधारा है, जो कभी मिट नहीं सकती। राहुल गांधी को अध्यक्ष पद नहीं छोड़ना चाहिए था। मध्य प्रदेश में हनीट्रैप को लेकर किए गए ट्वीट के जवाब में उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बड़ा स्कैंडल हुआ है और इसमें कुछ लोग शामिल हैं। आरोप लगाया कि व्यापम घोटाले और हनीट्रैप स्कैंडल में भाजपा के ही लोग शामिल हैं। दिग्विजय सिंह धर्मशाला में भोपाल स्थित तथास्तु ग्रुप के सौजन्य से शुरू हुए दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय डेंटल सम्मेलन का शुभारंभ करने आए थे।

Posted By: Jagran

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