प्रदीप शर्मा, नूरपुर

उपमंडल नूरपुर में नशे की कालाबाजारी थमने का नाम नहीं ले रही है। पुलिस कार्रवाई के बावजूद मामलों में कमी नहीं आ रही है। नशे के काले कारोबार का अड्डा नूरपुर उपमंडल बन चुका है।

नूरपुर व इंदौरा उपमंडल पंजाब व चंबा की सीमा से सटे हुए हैं। पंजाब व चंबा के तस्कर नूरपुर व इंदौरा उपमंडल में चोरी छिपे नशे की तस्करी में लगे हुए हैं। इस वर्ष नूरपुर व इंदौरा थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत 50 मामले दर्ज हुए हैं। हालांकि पुलिस ने पिछले कुछ साल से नशा माफिया के खिलाफ अभियान चलाया है व उनकी संपत्ति जब्त भी की है। क्षेत्रवासियों ने नशे के खात्मे के लिए नूरपुर को बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ की तर्ज पर पुलिस जिले का दर्जा देने की मांग उठाई है। नूरपुर के विधायक एवं वन मंत्री राकेश पठानिया पिछले कुछ समय से इस बाबत आवाज उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी एक सार्वजनिक समारोह में नूरपुर में एएसपी कार्यालय खोलने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक इस संदर्भ में अधिसूचना जारी नहीं हुई है।

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नूरपुर को पुलिस जिले का दर्जा दिया जाए। मुख्यमंत्री इस मांग पर गंभीरता से कदम उठाएं। नशे के खिलाफ यदि कार्रवाई में देरी की तो युवा पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी।

-अशोक शर्मा, अध्यक्ष नगर परिषद नूरपुर

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नशा माफिया के खिलाफ नियमित रूप से सख्त कार्रवाई की जरूरत है। यह तभी संभव है जब नूरपुर को पुलिस जिले का दर्जा मिले। वन मंत्री भी कदम उठाएं।

-रजनी महाजन, उपाध्यक्ष नगर परिषद नूरपुर

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पुलिस कार्रवाई के बावजूद साल में एनडीपीएस एक्ट के 50 मामले दर्ज होना चिंतनीय है। सरकार को नूरपुर को पुलिस जिले का दर्जा देने में देरी नहीं करनी चाहिए।

-अश्वनी सूरी, अध्यक्ष व्यापार मंडल।

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नशे से युवा पीढ़ी का भविष्य खतरे में है। अब समय आ गया है कि माफिया को जड़ से समाप्त किया जाए। सरकार को इस दिशा में जल्द से जल्द कदम उठाना चाहिए।

-अर्पणा देवी, जिला परिषद सदस्य सुल्याली।

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नूरपुर पुलिस ने नशा माफिया के खिलाफ विशेष अभियान चलाया है। पुलिस ने संपत्ति जब्त कर नशा माफिया को कुचलने का प्रयास किया है। पुलिस की यह कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।

-सुरेंद्र शर्मा, डीएसपी नूरपुर

Edited By: Jagran