शिमला, जेएनएन। प्रदेश में बस सेवाएं कब से चलेंगी, इस पर सरकार जल्द फैसला लेगी। इस संबंध में 23 मई को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में गहन चर्चा होगी और उसके बाद बड़ा फैसला संभव है। हालांकि परिवहन विभाग ने पहले ही अपने सुझाव सरकार के साथ साझा किए हैं। सूत्रों के अनुसार अधिकांश मंत्री बस किराया बढ़ाए जाने के पक्ष में नहीं है। विभाग ने सुझाव दे रखा है कि बसों के किराये में 50 फीसद की बढ़ोतरी तभी हो जब सीमित क्षमता के साथ बस सेवाएं चलाने को निजी बस ऑपरेटर तैयार होंगे।

निजी बस ऑपरेटर संघ ने कहा है कि वे 50 फीसद क्षमता पर सवारियां तभी बैठाएंगे, अगर उन्हें यह आर्थिक ²ष्टि से उपयुक्त लगें। संघ ने मांग की है कि सरकार को कोई भी फैसला लेने से पहले वार्ता करनी चाहिए। दोनों पक्ष आपस में बैठें और कोई न कोई समाधान निकालें। संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेश पराशर ने कहा कि निजी बसें लंबे समय से सड़कों पर खड़ी है। देनदारियां बढ़ गई है। घाटे में चलाने से बेहतर है कि सड़कों पर ही पहले की तरह खड़ी रहें। शारीरिक दूरी के नियमों की पालना का उन्हें भी ख्याल है, पर उस सूरत में उन्हें कोई न कोई आर्थिक पैकेज दिया जाए।

बीमा केवल सरकारी चालकों, परिचालकों का

निजी बस ऑपरेटरों ने कहा कि वे भी बाहरी राज्यों में प्रवासी को ले जाने और वहां से हिमाचल के लोगों को लाने में मदद कर रहे हैं। संघ ने इस मामले को मुख्यमंत्री के साथ भी उठाया था।

परिवहन विभाग व  एचआरटीसी के अधिकारी देंगे प्रस्तुति

मंत्रिमंडल बैठक में परिवहन विभाग और हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) एग्जिट प्लान पर प्रस्तुति देंगे। इसमें सभी पहलुओं का शामिल किया जाएगा। इस प्लान पर चर्चा के बाद ही सरकार कोई फैसला लेगी।

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