बैजनाथ, जेएनएन : कुछ दिन पहले बारिश के कारण डंगा गिरने व सड़क बह जाने से काला पानी बने जमरेला गांव के लोगों की किसी को परवाह नहीं है। चुने हुए जन प्रतिनिधि भी 500 की आबादी वाले इस गांव से आंखें फेरे हुए हैं। यह बात समाजसेवी संजय शर्मा ने जमरेला गांव का दौरा करने के बाद लोगों से कही। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि दोनों ही बड़ी पार्टियों के नेता केवल यहां वोट मांगने तक ही सीमित हैं। इसके बाद आज तक कोई विधायक गांव में नहीं पहुंच सका है। सदियों बाद मिलने वाली सड़क सुविधा भी पिछले दिनों ठेकेदार व विभाग की कोताही के कारण गिरे डंगे व आधी सड़क बह जाने से बंद हो गई है। अभी भी सरकार के नुमाइंदे आश्वासन देकर लोगों को आश्वस्त ही कर रहे हैं।

डंगा गिरने के बाद स्थानीय विधायक ने घटनास्थल का दौरा किया था। उस दौरान विभाग ने लोहे की सीढ़ी बनाकर देने की बात कही थी, मगर बाद में यहां से काटे बांस से ही सीढ़ी बनाकर इतिश्री कर ली गई। आज भी गांव के बच्चों और वृद्धों को जान जोखिम में डालकर बांस की सीढ़ी से गुजरना पड़ता है। लोगों ने बताया कि आजादी के इतने साल बाद गांव में सड़क सुविधा पहुंची तो वह भी विभाग की लापरवाही व कार्य में गुणवत्ता के अभाव में बंद हो गई। विभाग की ओर से अब जो रास्ता बनाया जा रहा है, वह भी जोखिम भरा है। वह ज्यादा दिन नहीं टिक पाएगा। समाजसेवी संजय शर्मा ने लोगों को आश्वासन दिया है कि अगर सप्ताह के भीतर विभाग व सरकार ने कुछ नहीं किया तो वह ग्रामीणों के साथ मिलकर समस्या का हल निकालेंगे। उन्होंने कहा कि दुख की बात है कि एक ओर लोक निर्माण विभाग व प्रदेश सरकार करीब सौ किलोमीटर होली-उतराला सड़क की डीपीआर बनाने की बात कर जनता को गुमराह कर रहा है, लेकिन काला पानी बने जमरेला गांव के लिए दो किलोमीटर सड़क बनाने से पीछे हट रहा है। जिस तरह से ठेकेदार ने यहां कार्य किया तथा विभाग ने उसे पास कर सारी राशि अदा कर दी, उसकी जांच होनी चाहिए। लाखों रुपये के नुकसान की भरपाई का जिम्मा ठेकेदार सहित विभाग के खाते में डाला जाए।

गांधीगीरी : सड़क उपलब्ध न करवाने पर भाजपा व कांग्रेस के पक्ष में लगाए जिंदाबाद के नारे जमरेला गांव के लोगों ने बेहतर सड़क सुविधा न उपलब्ध करवा पाने के लिए गांधीगीरी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने दोनों ही मुख्य दलों कांग्रेस व भाजपा के पक्ष में जिंदाबाद के नारे लगाए और सड़क सुविधा न देने के लिए मिठाई बांटी। अब इसका विभाग व सरकार पर कितना असर होता है, यह पता नहीं। ग्रामीणों ने पूर्व एवं वर्तमान विधायक के नाम पर भी ¨जदाबाद के नारे लगाए। इस मौके पर भारी संख्या में महिलाएं एवं ग्रामीण मौजूद रहे।