शिमला, जेएनएन। राजधानी शिमला में ऑनलाइन ठगी करने वाला गिरोह फिर सक्रिय हो गए हैं। ठग नए नए तरीके ईजाद कर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। प्रोफेशनल लोगों, डॉक्टर और अध्यापकों को झांसा देकर इनके अकाउंट से लाखों रुपये निकाले जा रहे हैं। शातिरों ने इस बार अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग में कार्यरत वरिष्ठ आशुलिपिक (स्टेनोग्राफर) को निशाना बनाया है। एसडीए कांप्‍लैक्स में कार्यरत उग्रसेन पुत्र डीगे राम ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत की है।

पुलिस को दी शिकायत में उग्रसेन ने कहा कि उसे 94471 88055 नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताते हुए कहा उसका एटीएम कार्ड नंबर बंद हो गया है। इसे दोबारा शुरू करने के लिए एटीएम नंबर बताना होगा। एटीएम नंबर बताने के कुछ ही देर बाद उसके बैंक अकाउंट से 71,608 रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने आइपीसी की धारा 419, 420 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पिछले तीन दिनों में ऑनलाइन ठगी का यह दूसरा मामला है।

ये बरतें सावधानी

  • डेबिट, क्रेडिट और एटीएम कार्ड किसी से शेयर न करें।
  • खरीदारी के वक्त कार्ड अपने सामने स्वाइप करें, पिन खुद ही डालें, लिमिट्स को कम रखें, एसएमएस अलर्ट को चालू रखें।
  • ट्रांजेक्शन गड़बड़ी पर बैंक को लिखित में शिकायत दें। इसमें किसी भी तरह की देरी न करें।
  • स्टेटमेंट को हर तीन दिन में जांचे। नेट पर कार्ड के जरिए पेमेंट केवल वेबसाइट पर करें।
  • अपने मोबाइल वॉलेट का चयन सावधानी से करें। नियम और शर्तें जरूर पढ़ें, इंटरनेट पर वॉलेट के कस्टमर रिव्यू पढ़ें।
  • मोबाइल एप को सुरक्षित जगह से डाउनलोड करें, जैसे कि प्ले स्टोर।

पुलिस ने दिए हैं ये निर्देश

ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में तुरंत एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है। शातिर फोन पर उलझाकर क्रेडिट कार्ड, अकाउंट या यूपीआइ या ओटीपी की जानकारी हासिल कर अकाउंट से चंद मिनट में लाखों रुपये निकाल सकते हैं। ऐसे में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

ऑनलाइन ठगी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लोगों को जागरूक रहने को कहा जा रहा है। -ओमापति जमवाल, पुलिस अधीक्षक, शिमला।

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