कई साल से राजनीतिक दलों के लिए बयानों का मुख्य स्रोत रहे हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय को आखिरकार करीब 13 साल बाद आधार मिल गया है। कभी यहां तो कभी वहां उधार की व्यवस्था में चल रहे केंद्रीय विवि के निर्माण की पुख्ता तरीके से आस जगी है। अब सब कुछ सीयू प्रशासन के हाथ में आ गया है। अब देहरा में 115 हेक्टेयर भूमि में सीयू के मल्टी स्टोरी परिसर का निर्माण किया जाएगा।

करीब 81 हेक्टेयर भूमि नाम होने के बाद सीयू प्रशासन निर्माण कार्य के लिए नया जोश आ गया है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है कि सीयू के कार्यकारी कुलपति व कार्यकारी कुलसचिव निर्माण कमेटी की बैठक के लिए जुट गए हैं। बैठक होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। कुल मिलाकर अब आने वाले दिनों में जब केंद्रीय विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर बनकर तैयार हो जाएगा तो विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा के साथ बेहतरीन सुविधाएं भी मिलेंगी।

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कितनी भूमि हुई नाम

धर्मशाला हलके के तहत जदरांगल में अभी तक 24 हेक्टेयर भूमि सीयू के नाम हो चुकी है। देहरा परिसर के लिए 34 हेक्टेयर भूमि पिछले साल ही नाम हो चुकी थी। हाल ही में अब 81 हेक्टेयर और भूमि केंद्रीय विश्वविद्यालय के नाम हुई है। ::::::::::::::::::::::::

कब मिला था केंद्रीय विश्वविद्यालय

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 15 अगस्त, 2007 को हिमाचल प्रदेश के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय की घोषणा की थी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद 20 मार्च, 2009 को राजकीय महाविद्यालय शाहपुर के भवन में सीयू का अस्थायी कैंपस शुरू हुआ था। केंद्रीय विवि के पहले कुलपति फुरकान कंवर थे। वर्तमान में शाहपुर, धर्मशाला व देहरा ब्यास परिसर में तीन अस्थायी खंडों में विभिन्न विषयों के 17 स्कूल चल रहे हैं और कार्यकारी कुलपति का कार्यभार डा. रोशन लाल शर्मा देख रहे हैं।

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2016 में धर्मशाला में अस्थायी भवन में हुई थी शुरुआत

शुरुआत में शाहपुर में चलने वाले सीयू का एक भाग सितंबर 2016 को धर्मशाला शिफ्ट किया था और बीएड कालेज के नए भवन में इसकी शुरुआत हुई थी। 2018 में सीयू प्रशासन ने सीनियर सेकेंडरी स्कूल ब्वायज धर्मशाला के भवन को अपने अधिकार में लेकर यहां एमबीए की कक्षाएं शुरू की। 2018 में ही इसका एक भाग देहरा शिफ्ट कर दिया गया। देहरा में पहले राधा कृष्ण मंदिर के सामुदायिक भवन में सप्त सिधु परिसर चलाया गया। इसके बाद 2020 में देहरा परिसर एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

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छात्र संघों का भी रहा अहम योगदान

केंद्रीय विवि के देहरा व धर्मशाला में भूमि चयन एवं फाइनल करने की प्रक्रिया सालों से चल रही है। सीयू निर्माण के लिए छात्र संगठनों अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व एनएसयूआइ का भी बहुत योगदान रहा है। एनएसयूआइ भी समय-समय पर सीयू निर्माण के लि आंदोलन करती रही है। विद्यार्थी परिषद ने मार्च-अप्रैल के दौरान 44 दिन का क्रमिक अनशन किया था और मुख्य मांग सीयू भवन का निर्माण करना थी। आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं की कुलसचिव के साथ कहासूनी हो गई थी। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता मांगों के समर्थन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मिलने दिल्ली पहुंच गए थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं को उन्होंने मांगें मानने का आश्वासन दिया था। इसी का परिणाम है कि अब देहरा परिसर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

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इन परिसरों में ये चल रहे विषय

शाहपुर परिसर : एमएससी फिजिक्स, केमिस्ट्री, बाटनी, मैथ, कंप्यूटेशनल बायोलाजी व बायोइंफॉर्मेटिक्स, आइटी, पर्यावरण विज्ञान, मास्टर आफ लाइब्रेरी एंड इंफार्मेशन व बीएससी फिजिक्स आनर।

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धौलाधार परिसर धर्मशाला : एमबीए, मास्टर आफ सोशल वर्क, एमबीए ट्रेवल एंड टूरिज्म, एमए अर्थशास्त्र, एजुकेशन, जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, न्यू मीडिया कम्युनिकेशन, अंग्रेजी, हिदी व संस्कृत।

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सिधु परिसर देहरा : एमए समाजशास्त्र, इतिहास, राजनीतिक शास्त्र व जम्मू-कश्मीर अध्ययन। डिप्लोमा इन ट्राइबल स्टडी, जम्मू-कश्मीर स्टडी, तिब्बतियन स्टडी, दीनदयाल उपाध्याय स्टडी व गुज्जर हिस्ट्री व कल्चर, फाइन आ‌र्ट्स, डिप्लोमा इन आंबेडकर स्टडी।

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निजी भूमि पर भी बनाया जा सकता है जदरांगल परिसर

सीयू प्रशासन ने यह बात भी साफ कर दी है कि अगर जदरांगल की प्रस्तावित भूमि की जियोलाजिकल सर्वे रिपोर्ट सही पाई जाती है तो वहां तत्काल प्रभाव से काम शुरू कर दिया जाएगा। कुछ निजी भूमि भी आ रही है। ऐसे लोगों की भूमि को अधिग्रहित किया जाएगा और निर्माण कार्य कर सीयू का सबसे खूबसूरत परिसर बनाया जाएगा।

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यह हर्ष का विषय है कि देहरा परिसर के लिए आवश्यक 115 हेक्टेयर भूमि सीयू के नाम हो गई है। निर्माण कमेटी की बैठक के साथ ही देहरा परिसर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। स्थायी परिसर के निर्माण से विद्यार्थियों की सभी समस्याएं दूरी हो जाएंगी।

-डा. रोशन लाल, कार्यकारी कुलपति, सीयू हिमाचल प्रदेश प्रस्तुति : मुनीष गारिया, धर्मशाला

Edited By: Jagran