शिमला, यादवेन्द्र शर्मा। उच्च रक्तचाप के मरीजों के लिए कोरोना ज्यादा खतरनाक है। जिसका मुख्य कारण पहले से हृदय, गुर्दे और दिमाग पर दबाव ज्यादा है और कोरोना संक्रमण होने के बाद शरीर के ये महत्वपूर्ण अंग ज्यादा प्रभावित होते हैं। ऐसे में उच्च रक्तचाप के मरीजों को देखभाल की ज्यादा आवश्यकता है और कोरोना संक्रमण से अपने आप को बचाने की जरूरत है। पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मेहनतकश माना जाता है और मेहनतकश लोग उच्च रक्तचाप की जकड़ में कम आते हैं। लेकिन प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी उच्च रक्तचाप की जकड़ में है। पहाड़ी प्रदेश हिमाचल की 35 फ़ीसदी आबादी उच्च रक्तचाप की चपेट में है।

खानपान में बदलाव और शारीरिक क्रिया में कमी का परिणाम उच्च रक्तचाप के तौर पर देखने को मिल रहा है। उच्च रक्तचाप हृदय रोग के अलावा हृदयाघात, लकवा और ब्रेन स्ट्रोक का कारण बनता है। प्रदेश में बहुत से लोग तो ऐसे हैं जिन्हें पता ही नहीं होता कि उन्हें उच्च रक्तचाप है जब अस्पताल में जांच के लिए आ रहे हैं तो उनमें उच्च रक्तचाप पाया जा रहा है। अनियंत्रित खान-पान और मेहनत के काम कम करने के साथ सैर व व्यायाम न करने के कारण यह रोग लगातार बढ़ रहा है।

उच्च रक्तचाप से बचाव के लिए क्या जरूरी

  • हर दिन जो व्यक्ति 45 मिनट की तेज-तेज सैर या चलना
  • बीस वर्ष की आयु के बाद रक्तचाप की नियमित जांच
  • जंक फूड जैसे पिज्जा, बर्गर, तले हुए खाद्य पदार्थ धूमपान व शराब का सेवन न करना
  • सब्जियों व फलों का अधिक इस्तेमाल
  • नियमित योग व व्यायाम
  • नमक का कम इस्तेमाल
  • अपने वजन को नियंत्रित रखना
  • पुरुष की कमर 90 सेंटीमीटर और महिलाओं की कमर 80 सेंटीमीटर से अधिक न हो

उच्‍च रक्‍तचाप के मामले बढ़े

विभागाध्यक्ष कार्डियोलॉजी विभाग आईजीएमसी डाॅक्‍टर पीसी नेगी का कहना है स्वास्थ्य जांच को आने वाले बहुत से लोगों को जांच करवाने पर पहली बार पहली बार पता चलता है कि उच्च रक्तचाप है, जबकि उनसे लक्षण पूछने पर कई सालों से इसकी चपेट में होने की जानकारी मिल रही है। उच्च रक्तचाप हृदयरोग के साथ हृदयाघात, लकवा, ब्रेन स्ट्रोक का कारण बनता है। दिनचर्या को बेहतर करने और हर दिन सैर की जरूरत है। पहाड़ों के लोग अब बहुत कम पैदल चलते और कम मेहनत करते हैं।

जानिए क्‍या कहते हैं विशेषज्ञ

एसोसिएट प्रोफेसर मेडिसिन विभाग आईजीएमसी शिमला डॉ. प्रेम मच्छान का कहना है कोरोना महामारी के दौर में उच्च रक्तचाप के मरीजों को जोखिम ज्यादा है। अपने रक्तचाप की नियमित जांच करवाएं और योग के साथ सैर और शारीरिक क्रिया ज्यादा करें। फलों व सब्जियों का सेवन करें चिकित्सक से फोन पर परामर्श लेते रहें और दवाएं बंद न करें।