मंडी, जेएनएन। प्रदेश में कोरोना महामारी से लडऩे की तैयारियों की पोल खुलने लगी है। अन्य राज्यों से आ रहे लोगों की स्कैनिंग में लापरवाही की बात जगजाहिर हो चुकी है। लेकिन सैंपल लेने व उन्हें जांच केंद्रों तक पहुंचाने में भी किस तरह कोताही बरती जा रही है इसकी बागनी नागरिक अस्पताल सुंदरनगर में देखने को मिली। पेटदर्द से परेशान कोरोना योद्धा डीएसपी बंजार बिन्नी मिन्हास के दो दिन तक सैंपल लेने के लिए अस्पताल के चक्कर कटवाए। जब सैंपल लिया तो अस्पताल प्रबंधन उसे जांच के लिए भेजना ही भूल गया।

दो दिन तक सैंपल नागरिक अस्पताल सुंदरनगर के कोविड सेंटर में पड़ा रहा है। इसे 10 किलोमीटर दूर नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भेजा ही नहीं गया। शिकायत उपायुक्त मंडी तक पहुंची तो अस्पताल प्रबंधन ने वीरवार सुबह सैंपल जांच के लिए भेजा।

डीएसपी बिन्नी मिन्हास कफ्र्यू में सराहनीय कार्य कर रहे थे। 21 अप्रैल को ड्यूटी के दौरान अचानक पेट दर्द हुआ। जांच करवाई तो पेशाब की नली में पत्थरी पाई गई। चिकित्सकों ने तुरंत सर्जरी की सलाह दी, मगर फर्ज को देखते हुए लॉकडाउन तक सर्जरी करवाने से मना कर दिया। 22 अप्रैल को फिर तबीयत बिगड़ लगी। मैक्स अस्पताल मोहाली ले जाया गया।

वहां सर्जरी हुई। 23 अप्रैल को छुट्टी मिल गई। वहां से घर सुंदरनगर आकर क्वारंटाइन हो गए। सूचना थाना प्रभारी सुंदरनगर को दी थी। दो मई से हलका बुखार आने लगा। चार मई को नागरिक अस्पताल गए और सैंपल लेने का आग्रह किया। सैंपल लेने से मना कर दिया। पांच मई को 12 बजे बुलाया। सैंपल छह मई तक जांच के लिए नहीं भेजा। सैंपल न भेजने का कारण पूछा तो लैब में कार्यरत कर्मचारी ने अभद्र व्यवहार किया।

  • अस्पताल प्रबंधन के इस कदम से मैं व मेरे स्वजन सदमे में हैं। सरकार इस मामले में उचित कार्रवाई करे। पुलिस थाना सुंदरनगर में शिकायत दर्ज करवाई है। -बिन्नी मिन्हास।
  • शिकायत मिली है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी को जांच के आदेश दिए हैं। -ऋग्वेद ठाकुर, उपायुक्त मंडी।
  • जिस वाहन में सैंपल भेजे जाते हैं वह शिमला गया था। बुधवार देर शाम सैंपल नेरचौक मेडिकल कॉलेज भेज दिया था। -डॉ. चमन लाल, एसएमओ नागरिक अस्पताल सुंदरनगर।

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