शिमला, जेएनएन। लोगों को डिपो से राशन लेने के लिए घबराने की जरूरत नहीं है। राशन कार्डधारकों को राशन के लिए डिपो के चक्कर लगाने की भी जरूरत नहीं है। सरकार ने कफ्यरू के दौरान भीड़ एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा रखा है। ऐसे में प्रदेश के हर जिला में रोजाना 30-40 राशनकार्ड धारकों को मोबाइल पर मैसेज आएगा। जिनको मैसेज आएगा, वही लोग राशन लेने के लिए राशन डिपो में जाएं।

ओकओवर में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में राशन के डिपो पर भीड़ खत्म करने के लिए एसएमएस का फामरूला निकाला गया। शुक्रवार से राशन के डिपो पर वही जाएगा, जिसके मोबाइल पर मैसेज आएगा। राज्य खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग व राज्य खाद्य आपूर्ति निगम के आला अधिकारियों के साथ बैठक में जयराम ठाकुर ने कहा कि निगम के पास 47 दिन का आटा, चावल, गेहूं उपलब्ध है।

उनका कहना है कि कांगड़ा जिले के नागरिक आपूर्ति निगम के 1500 मीट्रिक टन की क्षमता के गोदाम वाले चैतड़ू और सिद्धपुर गोदामों का उद्घाटन होना है। इन गोदामों में 350 से 400 मीट्रिक टन दालों के भंडारण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले सचिव अमिताभ अवस्थी का कहना है कि खाद्यान्न का पर्याप्त भंडार मौजूद है। कफ्यरू के दौरान ऐसा देखने में आया कि कई स्थानों पर लोगों की भीड़ लगने से सोशल डिस्टेंसिंग का उद्देश्य ध्वस्त हो रहा था। इसलिए मैसेज प्रणाली का सहारा लेने का निर्णय लिया गया है। खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम की प्रबंध निदेशक मानसी सहाय ठाकुर का कहना है कि दालों की आपूर्ति मध्यप्रदेश व राजस्थान से होती है। उड़द आंध्र प्रदेश से ढुलाई होकर शीघ्र प्रदेश में पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।

1967 डायल करें

उपभोक्ता 1967 नंबर डायल कर अनाज, डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस संबंधी किसी भी प्रकार की शिकायत कर सकते हैं। विभागीय निदेशालय में इस तरह का कॉल सेंटर स्थापित किया गया है।

मोदी का आभार

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोरोना वायरस महामारी महामारी के मद्देनजर देशवासियों को 1.70 लाख करोड़ रुपये का राहत पैकेज प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का धन्यवाद किया है। यह पैकेज समाज के विभिन्न वगोर्ं जैसे आशा कार्यकर्ताओं, सफाई कार्यकर्ताओं, मेडिकल और पैरा मेडिकल स्टाफ, बीपीएल परिवारों, वृद्धों और कमजोर वर्गो को पर्याप्त सहायता प्रदान करेगा। यह निर्णय देश और इसके लोगों के कल्याण के प्रति केंद्र सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।

आटा-चावल की स्थिति

निगम के गोदामों में साढ़े चार हजार मीट्रिक टन से अधिक आला उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त चार हजार मीटिक टन गेहूं आटा मीलों के पास पिसाई के लिए दिया गया है। जिसे शीघ्र पीस कर निगम को उपलब्ध करवाने के लिए कहा गया है। आटा का कोटा करीब एक महीने के लिए मौजूद है। निगम के पास चावल का कोटा 18 हजार मीटिक टन से अधिक पड़ा हुआ है। प्रदेश के लोग चावल कम खाते हैं मगर ऐसे समय में चावल भी दिन में एक बार नियमित तौर पर खाए जा सकते हैं।

अप्रैल में दो माह का कोटा

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर अप्रैल व मई के दौरान खाद्यान्नों का कोटा अप्रैल में दे दिया जाएगा। उचित मूल्य की दुकानों पर सबसे पहले इन परिवारों को राशन मिलेगा।

Posted By: Rajesh Sharma

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस