टांडा, जागरण संवाददाता। कहते हैं जब कोई बीमार हो या किसी पीड़ा से ग्रस्त हो तो पहले भगवान का नाम मुंह से निकलता है, फिर डॉक्टर में ही उसे भगवान दिखता है। वर्तमान माहौल में इसी कड़ी में कोरोना वायरस को हराने के मोर्चे पर डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा का स्टाफ दिन-रात डटा है पर अव्यवस्था के अभाव उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी कर रहे स्टाफ को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। ड्यूटी के लिए पैदल तो आ-जा रहे ही हैं सामान खरीदने के लिए भी खुद बाजार जाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इससे संक्रमण फैल सकता है। टांडा मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी दे रहे स्टाफ को अस्पताल के गेस्ट हाउस व टाइप तीन कॉलोनी में रखा है। सूत्र बताते हैं कि एक कमरे में तीन-चार नर्सो को रहना पड़ रहा है। इसके अलावा खाने की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। ड्यूटी के लिए भी उन्हें पैदल ही आना-जाना पड़ रहा है।

बताते हैं पहले तो सोने के लिए बिस्तर का भी कोई प्रबंध नहीं किया गया था। वहीं, सामान खरीदने के लिए खुद ही बाजार जाना पड़ रहा है। इससे दुकानदारों व वहां खरीदारी करने आने वालों में भी दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि इससे वायरस फैल सकता है, क्योंकि इनकी ड्यूटी आइसोलेशन वार्ड में है। यहां कोरोना वायरस की आशंका वाले मरीजों को रखा जाता है। टेस्ट में जब कोरोना वायरस की पुष्टि होती है तभी उन्हें शिफ्ट किया जाता है।

टांडा के दुकानदारों ने अस्पताल प्रशासन से स्टाफ को लाने व छोड़ने के लिए गाड़ी का प्रबंध करने और सामान की खरीदारी के लिए बाजार न आने देने की हिदायत देने की मांग की है। उधर, इस संबंध में टांडा मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरिंद्र सिंह भारद्वाज का कहना कि उपलब्ध संसाधनों में अस्पताल प्रशासन स्टाफ को सुविधाएं मुहैया करवाने का प्रयास कर रहा है।

अस्पताल प्रशासन को दिए जाएंगे निर्देश

अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान का कहना है अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए जाएंगे कि कोविड व आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी दे रहे स्टाफ को जरूरी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं। उन्हें ड्यूटी के लिए आने-जाने के लिए वाहन की व्यवस्था की जाए। हिदायत दी जाए स्टाफ ड्यूटी समाप्त होने के बाद बाहर न घूमें।

घर-द्वार जरूरी वस्तुएं मुहैया करवाने की हो व्यवस्था

आइसोलेशन व कोविड वार्ड में ड्यूटी दे रहे स्टाफ को अस्पताल प्रशासन की ओर से घर-द्वार जरूरी वस्तुएं मुहैया करवाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके लिए वार्ड ब्वाय या चतुर्थ श्रेणी स्टाफ की ड्यूटी लगाई जा सकती है। इनके नंबर स्टाफ को मुहैया करवाए जाएं तथा जिसे जो सामान चाहिए उसकी सूची वे इन्हें दे दें। वार्ड ब्वाय या चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कफ्यरू में ढील के दौरान स्टाफ की जरूरत का सामान खरीदकर उनके कमरे में पहुंचाए।

Posted By: Rajesh Sharma

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