मीरपुर, जेएनएन। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं नादौन के विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सरकार के 30 फीसद वेतन काटने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा जनता के कल्याण के लिए सरकार चाहे तो हमारे वेतन से 50 फीसद कटौती कर सकती है। अग़र फिर भी पैसों की कमी सरकार को आती है तो वह बिना वेतन के काम करने को भी तैयार है।

उन्होंने कहा कोरोना जैसे आपदा से निपटने के लिए न सिर्फ एकजुटता महत्वपूर्ण है, बल्कि स्वास्थ्य सुविधाएं और विशेष रूप से हमारे स्वास्थ्य कर्मी जो दिन रात अस्पतालों में सेवाएं दे रहे और सुविधाओं के अभाव में जान तक जोखिम में डालकर लोग काम कर रहे हैं। सरकार को चाहिए कि सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मियों की जो पीपीई किट और एन 95 मास्क आदि जैसी सुविधाएं हैं, इन सुविधाओं को जल्दी से जल्दी पूरा किया जाए ताकि निसंकोच होकर हमारे स्वास्थ्य कर्मचारी मरीजों का इलाज कर सकें।

स्थानीय अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के साथ साथ आपातकाल में जनता की सेवा में लगे हुए नर्स, पैरामेडिकल कर्मचारी, पुलिस कर्मचारी, अग्निशमक विभाग के कर्मचारी, बिजली विभाग के कर्मचारी, जल शक्ति विभाग के कर्मचारी, खाद्य आपूर्ति, बैंक कर्मचारी, डाक विभाग के कर्मचारी, जनता की सेवा में जुटे हुए अन्य स्वयंसेवी और सफाई व्यवस्था देख रहे कमचारियों की तरफ भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

यह सब लोग भी समाज के साथ सुरक्षित रहें और मानवता की सेवा कर सकें। पार्टी की राजनीति से उठकर कांग्रेस पार्टी के नेता समाज की भलाई के लिए सरकार के साथ चलने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

सुक्खू ने साथ ही सरकार से मांग की है कि हिमाचल प्रदेश के जिस जिले में भी मेडिकल कॉलेज हैं वहां कोरोना संक्रमण और अन्य संक्रमणों का पता लगाने वाली आरटी-पीसीआर मशीन भी लगाई जाएं, ताकि सही समय पर रोग का पता लग सके और उसका इलाज किया जा सके।