शिमला, यादवेंद्र शर्मा। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को सत्ता में वापसी करवाने और हाथ को मजबूत करने के लिए तीन कार्यकारी अध्यक्ष तैनात करने का फार्मूला पार्टी ने तैयार किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी इस नए फार्मूले के तहत कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति विधानसभा उपचुनाव के बाद करेगी। कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति होने के साथ ही कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की शक्तियों को बांटा जाएगा। अध्यक्ष व कार्यकारी अध्यक्षों के कार्यों की हर महीने समीक्षा करने के साथ रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। महाराष्ट्र व झारखंड के बाद हिमाचल में यह व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।

इस संबंध में कांग्रेस के बड़े नेताओं ने मंथन कर लिया है। सूत्रों के अनुसार कार्यकारी अध्यक्षों को विधानसभा क्षेत्रों के आधार पर जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रदेश में 68 विधानसभा क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों के आधार पर जिम्मेदारी दी जाएगी। महाराष्ट्र में कार्यकारी अध्यक्षों को जिम्मेदारी जिलों के आधार पर दी गई है। हिमाचल में यह जिम्मेदारी जिलों के आधार पर इसलिए नहीं दी जाएगी क्योंकि प्रदेश में 12 जिले हैं और सीमाओं को लेकर भी समस्याएं हैं। ऐसे में विधानसभा क्षेत्र के आधार पर जिम्मा सौंपा जाएगा।

कैसे बनेगा रिपोर्ट कार्ड

कार्यकारी अध्यक्षों का रिपोर्ट कार्ड उनके द्वारा आयोजित बैठकों व कार्यक्रम के आधार पर होगा। इसके साथ ही एक विशेष टीम जमीन स्तर पर बैठकों और कार्यक्रमों के प्रभाव की आकलन रिपोर्ट तैयार करेगी। कार्यकारी अध्यक्षों के साथ मिलकर अध्यक्ष योजनाएं तैयार करेंगे। एक साथ चार स्थानों पर एक जैसे कार्यक्रम कार्यकारी अध्यक्षों की अध्यक्षता में होंगे।

हिमाचल में कार्यकारी अध्यक्षों को तैनात करने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में मुझसे चर्चा नहीं हुई है। -कुलदीप राठौर, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष

Posted By: Rajesh Sharma

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