धर्मशाला, जेएनएन। शिमला जिले में ठियोग- हाटकोटी सड़क के वैकल्पिक आठ पुलों के निर्माण के लिए सरकार एक माह में विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगी। इसे मंजूरी के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। केंद्र से डीपीआर को मंजूरी मिलते ही इन पुलों का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन में दी। मुख्यमंत्री शुक्रवार को धर्मशाला में शीतकालीन सत्र के दौरान भाजपा विधायक नरेंद्र बरागटा के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर बोल रहे थे।

मुख्यमंत्री जयराम ने कहा कि पुलों के निर्माण की डीपीआर दोबारा से बनेगी। करीब 70 फीसद काम इस पर हुआ है, शेष जल्द होगा। इसके बाद इसे केंद्रीय मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। इस सड़क को ऊपरी शिमला के सेब बागवानों के लिए लाइफलाइन माना जाता है। इसे वर्ष 2015 में 31 मार्च को नेशनल हाइवे घोषित किया गया था। पहले इसे वल्र्ड बैंक की मदद से डबल लेन किया जा रहा था।

अब सड़क की मरम्मत का कार्य नेशनल हाइवे अथारिटी करेगी। इसके शेष कार्यों के लिए 25 करोड़ की स्वीकृति मिली है। इसके लिए ठियोग से हाटकोटी तक के लिए अलग से उपमंडल खोलने पर सरकार विचार करेगी। जुब्बल- कोटखाई के विधायक नरेंद्र बरागटा ने आरोप लगाया कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने गुणवत्ता से समझौता किया था। इस कारण सीएंडसी कंपनी से कार्य वापस लिया गया।

Posted By: Rajesh Sharma

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