धर्मशाला, जागरण संवाददाता। रमेश धवाला ने लोनिवि की इस रीढ़ की हड्डी की प्रजाति के समाप्त होने को लेकर सरकार वस्तुस्थिति जाननी चाही। उन्होंने मांग उठाई कि जहां कोई नई योजना शुरू हो तो वहां पर स्थानीय लोगों को ही काम पर रखा जाए। इस सवाल के शुरुआत में मुख्यमंत्री ने कहा कि धवाला हर काम की भूमिका बड़ी अच्छी तरह से बांधते हैं। उनका इशारा वीरवार को आयोजित उस रात्रि भोज की ओर था, जिसमें धवाला संगीत पर खूब थिरके थे। इस पर सदन में ठहाके गूंजने लगे। वहीं विपक्ष में भी धवाला के नृत्य की खूब चर्चा रही। धवाला ने पहाड़ी गाने खिन्‍नू बड़ा उस्‍ताद पर जमकर नृत्‍य किया।

लोक निर्माण विभाग में अब बेलदारों की भर्ती नहीं होगी। लोक निर्माण विभाग में तैनात होने वाले बेलदारों की कोई जरूरत नहीं है। तकनीक के इस युग में अब सारा काम मशीन के माध्यम से हो रहा है। ऐसे में विभाग को बेलदारों की जरूरत बहुत कम रह गई है। इसका व्यवहारिक पक्ष यह भी है कि पहले मशीनों के अभाव में बेलदार गेंती व बेलचे से सड़क निर्माण करते थे। यह जानकारी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा में दी।

उन्होंने बताया कि छोटे से प्रदेश में इस समय बेलदारों के 23,539 पद स्वीकृत हैं, जिसमें ने 18,327 भरे हुए हैं। ऐसे में 5212 पद रिक्त हैं। इस आंकड़े की अगर देश के अन्य राज्यों से तुलना की जाए तो इतनी अधिक किसी प्रदेश राज्य में नहीं है। इनके वेतन पर ही जितना खर्च आता है, उतना खर्च सड़क निर्माण पर नहीं आता। विधायक रमेश धवाला के प्रदेश में बेलदारों के रिक्त पद भरने को लेकर पूछे प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि इन पदों को नहीं भरेगी और न ही आउटसोर्स पर नियुक्ति करने की मंशा है। प्रदेश में अधिकतर काम ठेकेदारों के माध्यम से हो रहे हैं। यह भी सुनिश्चित किया है कि इन कार्यों में स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर दिहाड़ीदार के रूप में दिए जाएं।

Posted By: Rajesh Sharma

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