बद्दी, संवाद सहयोगी। Solan News, सोलन जिला के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में सातवीं कक्षा के छात्र को अधरंग होने पर अस्पताल में भर्ती किया है। स्वजन का कहना है कि स्कूल में कोरोना रोधी वैक्सीन लगी थी और घर पहुंचने के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पूरी जांच के बाद ही इसका कारण पता चलेगा।

परिवार उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल का रहने वाला है। छात्र के माता-पिता बद्दी में काम करते हैं। छात्र सरकारी स्कूल में पढ़ता है। इसे 16 सितंबर को स्कूल में वैक्सीन की पहली डोज दी थी। माता-पिता के अनुसार इसी दिन शाम को जब वे वापस घर पहुंचे तो बेटा चल नहीं पा रहा था। वे उसे किसी स्थानीय डाक्टर के पास ले गए। वहां पर आशा वर्कर को इसकी सूचना मिली तो उसने उन्हें स्वास्थ्य उपकेंद्र नानकपुर (हरियाणा) पहुंचाया, लेकिन हालत नाजुक होने पर उसे सरकारी अस्पताल सेक्टर छह पंचकूला में भर्ती कराया गया, जहां पर उसका उपचार चल रहा है।

सीएमओ सोलन डा. राजन उप्पल ने बताया बच्चा अभी पंचकूला में है। शुक्रवार को ही इसकी जानकारी मिली है। जल्द उसे आइजीएमसी शिमला में भर्ती करवाया जाएगा। जांच के बाद ही पता चलेगा कि उसे क्या परेशानी हुई है। बच्चे के उपचार का खर्च विभाग ही करेगा।

पूर्व प्रधान की रंगड़ों के काटने से मौत

जिला शिमला की तहसील नेरवा की पंचायत न्योल टिकरी में रंगड़ों के काटने से पूर्व प्रधान की मौत हो गई। पूर्व प्रधान की पहचान न्योल टिकरी के 57 वर्षीय मोती सिंह पुत्र कटनु निवासी डोखरा डाकघर टिकरी तहसील नेरवा के तौर पर हुई है। वह वीरवार देर शाम किसी कार्य से घर से बाहर जा रहे थे कि थोड़ी दूर पेड़ पर बना रंगड़ों का छत्ता उन पर गिर गया। इस दौरान रंगड़ों ने उन पर हमला कर दिया। रंगड़ों के काटने से मोती सिंह वहीं पर अचेत हो गए। स्वजन उन्हें नेरवा अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां से उन्हें आइजीएमसी शिमला रेफर कर दिया। शिमला ले जाते मोती सिंह ने सैंज के समीप लेलु पुल में दम तोड़ दिया। चौपाल के पूर्व विधायक डा. सुभाष मंगलेट ने मोती सिंह के निधन पर शोक जताया है।

Edited By: Virender Kumar