शिमला, राज्य ब्यूरो। सेब बागवानों से धोखाधड़ी के मामले में सीआइडी जांच और तेज हो गई है। 1.73 करोड़ के गड़बड़झाले में एसआइटी ने शिमला जिले की एक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट विनायक ट्रेडर्स नारकंडा के खिलाफ हुई है। आरोप है कि इस कंपनी ने 72 बागवानों के करीब पौने दो करोड़ रुपये डकारे। आरोपित को कई मौके दिए, लेकिन प्रभावितों का पैसा वापस नहीं दिया। रिकवरी 20 लाख के आसपास ही हो पाई है। रिकवरी में सहयोग न देने पर सीआइडी ने चार्जशीट तैयार की। अब इसे शिमला की एक कोर्ट में दाखिल किया गया है। उधर, एक अन्य मामले में संगरोली फ्रूट ट्रेडर के खिलाफ अंतिम रिपोर्ट दाखिल की गई है। इसे क्लोजर रिपोर्ट कहा जाता है। आरोप है कि इस कंपनी ने सेब बागवानों के साथ 36 लाख की धोखाधड़ी की थी। जांच में आरोपित ने सहयोग किया। 32 बागवानों के पूरे 36 लाख रुपये वापस कर दिए। दोनों पक्षों को बैठाया गया। तमाम रिकार्ड देखने के बाद बागवानों ने आग्रह किया कि वे जांच से संतुष्ट है। इस कारण आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते। जिन मामलों में सारे पैसों की रिकवरी हो जाती है, उनमें क्लोजर रिपोर्ट तैयार की जाती है। लेकिन, आरोपित पैसा देने से आनाकानी करते हैं तो उनमें चार्जशीट तैयार होती है।

70 मामले भेज गए हैं कोर्ट

सेब बागवानों से करीब ढाई सौ करोड़ के गड़बड़झाले में सीआइडी ने 70 मामलों को कोर्ट में भेजा है। इसमें या तो चार्जशीट तैयार की अथवा क्लोजर रिपोर्ट बनाई। अब भी 44 मामलों की जांच चल रही है। कुल 114 एफआइआर दर्ज हैं।

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सेब बागवानों से करोड़ों की धोखाधड़ी करने के मामलों में जांच जारी है। जिन मामलों में जांच पूरी हो जाती है, उन्हें कोर्ट भेजा जाता हे। रिकवरी करने में भी सीआइडी को लगातार सफलता मिल रही है।

-वीरेंद्र कालिया, एसपी, सीआइडी एवं एसआइटी के मुखिया।

Edited By: Vijay Bhushan