योल, संवाद सहयोगी। Chaitra Navratri, श्रीचामुंडा नंदिकेश्वर धाम को सूक्ष्म हवन यज्ञ तथा पूर्णाहुति के साथ चैत्र नवरात्र का समापन किया गया। इस बार कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण 11 पंडितों ने ही धार्मिक अनुष्ठान में शामिल रहे। वहीं मंदिर अधिकारी अपूर्व शर्मा ने बताया कि हालांकि कोरोना काल के दौरान इस बार यात्रा बहुत ही कम रही, फिर भी मदिर प्रशासन ने मानक संचालन प्रकिया तथा सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए गए हैं।

यहां बता दें कि कोरोना काल के कारण इस साल चैत्र नवरात्र में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। शक्तिपीठों में चैत्र नवरात्र के दौरान जहां हर साल कम से कम 30 से 35 हजार श्रद्धालु पहुंचे थे, वहां इस बार एक हजार से भी कम ही संख्या रह गई। मंगलवार को अष्ठमी के दिन श्री बज्रेश्वरी देवी कांगड़ा में दिनभर करीब 600 श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी तरह श्रीज्वालामुखी देवी व श्रीचामुंडा नंदिकेश्वर धाम में भी बहुत कम श्रद्धालु पहुंचे हैं। इससे मंदिर परिसर के दुकान चलाने वाले दुकानदारों कीन उम्मीदों पर काफी असर हुआ है।

अब जिला के सभी शक्तिपीठ व सभी मंदिर मंदिर बंद करने के आदेश जारी हो गए हैं। मंदिरों में 23 अप्रैल से श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित होगा। इस दौरान मंदिरों में केवल पुजारी ही सुबह-शाम मंदिर के धार्मिक नियमों के अनुसार पूजा अर्चना करेंगे।

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