धर्मशाला, जेएनएन। पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज में निजी भूमि पर अवैध रूप से हुए पेड़ कटान मामले में नगर निगम ने जांच शुरू कर दी है। नगर निगम ने प्रारंभिक जांच में पाया है कि पेड़ कटान करीब दो कनाल भूमि में हुआ है। करीब 10 मिनट में कटर की मदद से 12 पेड़ काटे गए हैं। निगम के ट्री ऑफिसर ने रविवार को टीम के साथ जाकर काटे गए पेड़ों के तनों की निशानदेही की है। अब राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर जमीन मालिक का पता लगाया जा रहा है।

साथ ही नगर निगम ने खाली भूमि की निशानदेही के लिए राजस्व विभाग से आग्रह किया है। नगर निगम की जांच में पाया गया है कि चार बड़े और आठ छोटे पेड़ बिना अनुमति काटे गए हैं। बड़े पेड़ों में एक सूखा देवदार है। इसके अलावा बान प्रजाति के दो पेड़ जड़ से ही निकाले गए हैं। एक पेड़ पज्जा प्रजाति का है। साथ ही दो छोटे देवदार सहित अन्य पेड़ शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि पेड़ कुछ दिन पहले ही काटे गए हैं लेकिन नगर निगम प्रशासन को इसका पता शनिवार देर सायं चला है।

डीएफओ धर्मशाला डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि कटे पेड़ों के ठूंठों पर नंबर डाल दिए गए हैं। उधर, नगर निगम धर्मशाला के ट्री ऑफिसर नरेश कुमार ने कहा कि चार तृतीय श्रेणी और आठ पांचवीं श्रेणी के पेड़ कटान का मामला सामने आया है। उन्होंने कहा कि जिस मालिक के नाम पर भूमि होगी, उसके खिलाफ एफआइआर दर्ज की जाएगी। कब-कब हुआ पेड़ कटान -2015 में मैक्लोडगंज के धर्मकोट में निजी भूमि से देवदार समेत अन्य प्रजातियों के करीब 10 पेड़ काटे गए थे। इस मामले में मई 2015 में विदेशी महिला गजाला अब्दुल्ला ने हाईकोर्ट में दाचिका दायर की थी। -2 नवंबर, 2016 को खनियारा की सौकणी का कोट पंचायत में छोटे-बड़े 24 हरे पेड़ काटे गए थे। -इसी साल इंदौरा क्षेत्र में भी जंगल से चीड़ के हरे पेड़ काटे गए थे।

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप