मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

शिमला, रमेश सिंगटा। यातायात पुलिस के बाद अब थानों में तैनात जांच अधिकारी (आइओ) भी बॉडी कैमरे से लैस होंगे। वे वर्दी के साथ-साथ खुफिया कैमरा भी पहनेंगे। सीन ऑफ क्राइम में भी इन कैमरों की मदद ली जाएगी। हिमाचल में ट्रैफिक पुलिस का पहला प्रयोग सफल रहा है। इसलिए इस प्रयोग को पूरे प्रदेश में अपनाया जाएगा। पुलिस पर बदतमीजी के आरोप लगाने की सच्चाई भी पता चलेगी। पुलिस कर्मी सही है या शिकायतकर्ता, इसका वीडियो फुटेज से खुलासा हो सकेगा। वीआइपी मूवमेंट के दौरान लोग अपने मोबाइल से वीडियो नहीं बना पाएंगे, अगर ऐसा किया तो पुलिस रोकेगी। नहीं मानने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।

रैलियों के दौरान पुलिस पर पथराव करने या धक्का-मुक्की करने वालों की भी पहचान हो सकेगी। इसके लिए राज्य पुलिस ने जिलों को करीब 520 बॉडी कैमरे आवंटित किए हैं। बद्दी समेत पुलिस के 13 जिले हैं। सभी को 40-40 कैमरे दिए गए हैं। अभी और कैमरे भी खरीदे जा रहे हैं। इस खरीद की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। एक थाने में आठ से 10 आइओ होते हैं। पहले चरण में सबको बॉडी कैमरे नहीं मिल पाएंगे। दूसरे चरण में अधिकांश थाने कवर हो जाएंगे।

कहां, लगाएंगे कैमरा

पुलिस कर्मी इसे अपनी गर्दन या फिर पैकेट के पास टांगेगा। इसका बजन सौ ग्राम है। इसकी कीमत 20 से 40 हजार रुपये के बीच होगी। इसकी रेंज लगभग उतनी ही है, जितनी बेहतर गुणवत्ता के मोबाइल कैमरे की।

भ्रष्टाचार पर वार

पुलिस कर्मियों पर भ्रष्टाचार में संलिप्त होने के आरोप लगते रहते हैं। खासकर यातायात पुलिस कर्मचारियों की कई शिकायतें आती हैं। अब ऐसे आरोपों पर कड़ी कार्रवाई हो सकेगी। अगर किसी ने झूठी शिकायत की तो उसे भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। कैमरों के जरिए भ्रष्टाचार पर भी तीखा प्रहार होगा।

20 हजार से अधिक मामले

प्रदेश में सभी तरह के अपराधों के एक साल में औसतन 20 हजार से अधिक मामले दर्ज होते हैं। लेकिन पुलिस पहले उन जांच अधिकारी (आइओ) को कैमरे देगी, जो संगीन अपराधों जैसे हत्या, हत्या प्रयास, दुष्कर्म, महिलाओं पर होने वाले अपराधों की जांच करेंगे।

बॉडी कैमरे थानों में तैनात पुलिस कर्मचारी को भी मिलेंगे। हर जिलों को इनका आवंटन कर दिया है। जैसे ही खरीद पूरी होगी, जरूरत के हिसाब से जांच अधिकारियों को और दिए जाएंगे। इससे पुलिस के साथ उलझने वाले और पुलिस पर भ्रष्टाचार लगने वाले भ्रष्टाचार के आरोपों की असलीयत सामने आएगी। -एसआर मरडी, डीजीपी, हिमाचल प्रदेश।

Posted By: Rajesh Sharma

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप